तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK(तमिलगा वेत्री कड़गम) प्रमुख विजय द्वारा छात्रों और युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) तथा अन्य राजनीतिक आंदोलनों से दूर रखने के आदेश को वापस लिए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है. इस पूरे घटनाक्रम और विवादित आदेश को वापस लेने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है. साथ ही उन्होंने देश में शिक्षा, आंदोलनों पर पाबंदी और कानून व्यवस्था को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों पर जोरदार हमला बोला है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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विजय सरकार के आदेश पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा शिक्षा विभाग, पुलिस और प्रशासन को CJP का समर्थन करने या उनके प्रदर्शनों में शामिल होने वाले लोगों को रोकने के लिए दिया गया आदेश अपने आप में ही गलत था. लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक व मौलिक अधिकार है. ऐसे प्रतिबंधात्मक आदेश यह दिखाते हैं कि सरकार जनता की आवाज और जनआंदोलनों से डर रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि विजय सरकार ने इस आदेश को वापस लेकर सही कदम उठाया है.
मामले वापस लेने पर कोर्ट और सरकार के रवैये पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मामलों (FIR) को रद्द करने के रुख पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के साथ वादाखिलाफी कर रही है. पहले सरकार यह बहाना बनाती थी कि मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से वे केस वापस नहीं ले सकते, लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस क्वैश करने के लिए तैयार है, तब भी सरकार आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर रही है. दीपके ने कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों को अपनी सुविधा के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहती है.
राजस्थान के स्कूलों में फोटोग्राफी बैन पर तीखा तंज
राजस्थान सरकार द्वारा स्कूलों में बिना अनुमति फोटोग्राफी, वीडियो बनाने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर दीपके ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों की स्थिति अच्छी है, तो सरकार को डर किस बात का है? वीडियो रोकने के बजाय स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाओं को सुधारा जाना चाहिए.
पीएम केयर्स फंड और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा
पीएम केयर्स फंड में पड़े रुपयों का जिक्र करते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि फंड में लगभग 8,000 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें एफडी में रखा गया है. वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों के बच्चे स्कूलों में बेंच, अच्छी सड़क और पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं. उन्होंने मांग की कि इस पैसे को सुरक्षित रखने के बजाय देश के बच्चों और शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किया जाना चाहिए.
बंगाल की घटना पर कानून व्यवस्था पर घेरा
पश्चिम बंगाल में शिक्षा सुधार के लिए काम कर रहे अब्दुल के पिता की हत्या पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि यह एक हेट क्राइम है. उन्होंने स्थानीय नेतृत्व और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए. साथ ही उन्होंने अब्दुल के उस जज्बे की सराहना की, जिसने मुआवजे के बजाय अपने पिता के नाम पर एक बेहतर स्कूल बनाने की मांग की.
गांधीवादी मार्ग से आंदोलन की सफलता का दावा
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयानों और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार को पूरे देश ने देखा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह से महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर आधारित रहा है. गांधी परिवार का समर्थन मिलना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि आंदोलन शांतिप्रिय और देशभक्ति से प्रेरित था. दुनिया भर के बड़े नेताओं ने गांधी जी के विचारों से सीख ली है और भारतीय युवाओं को भी उन्हीं के दिखाए अहिंसक मार्ग पर विश्वास रखना चाहिए.
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