TCS नासिक धर्मांतरण विवाद: परिवार ने बताया- निदा खान फरार नहीं बल्कि अपने ससुराल भिवंडी में हैं, वे प्रेग्नेंट हैं

आरोपी निदा खान की फैमिली ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- ''ये पूरा मामला अशोक खरात के मामले पर पर्दा डालने के लिए गढ़ा गया है. इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है. हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं.''

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निदा के वकील ने कहा- वे फरार नहीं हैं बल्कि अपनी ससुराल में हैं.

न्यूज तक डेस्क

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में कथित धर्मांतरण के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. इस मामले में आरोपी निदा खान के परिवार ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. निदा के पिता का आरोप है कि 'खरात केस' पर पर्दा डालने के लिए उनकी बेटी को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. परिवार ने साफ किया कि इस मामले में राजनीति हो रही है. 

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गर्भवती हैं निदा खान, वकील ने दी सफाई 

पुलिस द्वारा वांछित बताई जा रही निदा खान के वकील ने स्पष्ट किया है कि वह फरार नहीं हैं. निदा खान फिलहाल गर्भवती हैं और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में परिवार के साथ हैं. वकील ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों और सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने नासिक अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए अर्जी दी है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है. 

इंडिया टुडे के रिपोर्टर दिव्येश सिंह ने आरोपी निदा खान के माता-पिता और चाचा से बात की. पिता, मां और चाचा ने निदा खान पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका दावा है- ''निदा ने तो उस शिकायतकर्ता से बात भी नहीं की, जिसने ये आरोप लगाए हैं. आरोपों की वजह से पूरा परिवार परेशान है. हम गरीब लोग हैं और हमारी बेटी परिवार की मदद करने के लिए वहां काम कर रही थी. निदा ने कभी भी किसी से धर्म-परिवर्तन के लिए नहीं कहा और न ही कभी किसी दूसरे धर्म के देवी-देवताओं के बारे में कोई टिप्पणी की.''

तो क्या एचआर मैनेजर नहीं हैं निदा खान?  

निदा खान को नासिक TCS का एचआर मैनेजर बताया जा रहा है, लेकिन उनके वकीन बाबा सैय्यद ने ANI से बातचीत में कहा "... अगर आप FIR देखें, तो उसमें जबरदस्ती धर्म बदलने का कोई ज़िक्र नहीं है. मुझे नहीं पता कि उसे मास्टरमाइंड क्यों बताया जा रहा है, जबकि उसके शामिल होने का जिक्र सिर्फ एक CR में है. उस पर सिर्फ यही आरोप है कि उसने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. अगर वह सामने आती है, तो उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा. वह कभी HR थी ही नहीं... कंपनी के जरिए उसे भेजे गए सस्पेंशन लेटर में भी उसे प्रोसेस एसोसिएट बताया गया था."

TCS में यौन उत्पीड़न के मामलों में 5 गुना बढ़ोतरी 

धर्मांतरण विवाद के बीच TCS की वार्षिक रिपोर्ट से एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों (2021-2025) में कंपनी के भीतर यौन उत्पीड़न की शिकायतों में 500% (5 गुना) बढ़ोत्तरी हुई है.

  • 2020-21 - कुल केस 27, बंद हुए 19, पेंडिंग 08.
  • 2021-22 - कुल केस 36, बंद हुए 20, पेंडिंग 16.
  • 2022-23: - कुल केस 49, बंद हुए 41, पेंडिंग 08.
  • 2023-24: - कुल केस 110, बंद हुए 93, पेंडिंग 17.
  • 2024-25 - कुल केस 125, बंद हुए 102, पेंडिंग 23.

क्या है पूरा मामला? 

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस यानी (Tata Consultancy Services) इस समय काफी चर्चा में है. आफिस के भीतर धार्मंतरण और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज हुए हैं. कंपनी की 8 महिलाओं ने दफ्तर के भीतर, धमकाने, यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. मामले में एक एफआईआर पुरूष कर्मचारी द्वारा धार्मिक भावना आहत करने के मामले में दर्ज कराया गया है. अभियुक्तों में टीसीएस के कुछ कर्मचारी, एचआर विभाग और डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं. मामले में 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं जिनमें 7 पुरूष और एक महिला है. पहले एफआईआर में ही निदा खान का नाम सामने आया था. बताया जा रहा है कि वे कंपनी में टेली कॉलर के रूप में काम करती थीं. टीसीएस ने गिरफ्तार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. उन्होंने एक बयान जारी करके कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. 

9 एफआईआर में आरोप क्या-क्या हैं?

BBC हिंदी में छपी खबर के मुताबिक पहले FIR में धार्मिक भावनाएं आहत करने, धमकी, शारीरिक संबंध और ऑफिस लॉबी में छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है. दूसरे FIR में दो अभियुक्तों पर छेड़छाड़, एचआर पर शिकायत को दबाने का आरोप लगे हैं. तीसरे एफआईआर में निजी और वैवाहिक जीवन पर अपमानजनक टिप्पणियां करने की बात कही गई है. चौथे एफआईआर में निजी जीवन पर शर्मनाक सवाल, शरीर और प्राइवेट पार्ट्स की ओर इशारे की बात कही गई है. 5वें FIR में धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, किसी खास धार्मिक रीति-रिवाज को करने के लिए मजबूर करने और मांसाहार के साथ धर्म परिवर्तन के दबाव की बात कही गई है. FIR 6 में महिला के शरीर पर अश्लील टिप्पणियां, जानबूझकर छूना और छेड़छाड़, 7वें एफआईआर में पीछा करना, अश्लील टिप्पणियां, कार्यस्थल पर अनुचित तरीके से छूना, 8वें एफआईआर में निजी जीवन पर सवाल, प्रेम संबंध और शारीरिक संबंध का दबाव की बात कही गई है 9वें एफआईआर में कार्यस्थल पर गाली-गलौज, बदसलूकी और शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की बात कही गई है.  

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