डिजिटल इंडिया के दौर में देश भर में यूपीआई (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. हालांकि, हाल ही में यूपीआई पर लगने वाले नए चार्जेस और एमडीआर (MDR Charge) को लेकर चर्चा गर्म है. इसी मुद्दे पर आम जनता का मिजाज और उनकी राय जानने के लिए C-Voter ने एक स्नैप पोल (Snap Poll) किया है.
ADVERTISEMENT
इस देशव्यापी सर्वे में 18 साल से ज्यादा उम्र के 1,548 लोगों से बातचीत की गई और उनसे यूपीआई के नए चार्जेस से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गए. आइए जानते हैं इस सर्वे में क्या चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं.
1. क्या लोग यूपीआई चार्ज के बारे में जानते हैं?
सर्वे में अवेयरनेस (जागरूकता) को लेकर पूछे गए पहले सवाल के जवाब में 45.8% लोगों ने कहा कि वे इस नए चार्ज के बारे में पूरी तरह जानते हैं, जबकि 34.7% लोगों ने माना कि उन्होंने इसके बारे में सुना तो है लेकिन पूरी जानकारी नहीं है. वहीं 16.5% लोगों को इस चार्ज की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी और 3.0% लोगों की इस पर कोई स्पष्ट राय नहीं थी .
2. MDR लागू होने पर सबसे बड़ी चिंता क्या है?
यूपीआई भुगतान पर एमडीआर (MDR) चार्ज लागू होने के असर को लेकर पूछे गए सवाल में सबसे बड़ी चिंता दुकानदार द्वारा ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने की जताई गई, जिस पर 40.4% लोगों ने सहमति जताई; इसके बाद 26.9% लोगों को लगता है कि इससे बाजार में कैश (नकद) का इस्तेमाल फिर से बढ़ जाएगा, वहीं 13.1% लोगों का मानना है कि यह नए चार्जेस बड़े पेमेंट्स के लिए सही नहीं हैं .
3. दुकानदार एक्स्ट्रा पैसे मांगे तो क्या करेंगे?
अगर कोई दुकानदार यूपीआई से भुगतान करने पर अतिरिक्त चार्ज मांगता है, तो आम जनता के रुख को लेकर पूछे गए सवाल में लगभग आधे यानी 49% लोगों ने कहा कि वे नकद (Cash Payment) में भुगतान करेंगे; वहीं 17.1% लोग अतिरिक्त शुल्क देने के लिए तैयार हैं, जबकि 12.9% लोगों का कहना था कि वे यूपीआई के बजाय डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे .
4. क्या बढ़ेगा मासिक खर्च और घटेगा UPI का इस्तेमाल?
- मासिक बजट पर असर: सर्वे में 59.5% लोगों ने माना कि यूपीआई चार्जेस से उनके मंथली बजट (मासिक खर्च) पर काफी असर पड़ेगा.
- इस्तेमाल में कमी: 54.1% उत्तरदाताओं का कहना है कि वे बड़े भुगतानों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल काफी हद तक कम कर देंगे.
5. सरकारी फैसले पर जनता की प्रतिक्रिया
ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट सिस्टम को लेकर जब सरकार के फैसलों और संतोष के स्तर पर सवाल किया गया, तो 34.4% लोग सरकार की इस घोषणा से बहुत असंतुष्ट नजर आए, जबकि 14.7% लोग इससे पूरी तरह संतुष्ट हैं; वहीं 38.8% लोगों का मानना है कि यूपीआई सिस्टम बेहद सुविधाजनक है बशर्ते इसकी लागत कम रखी जाए, और 37.2% लोगों ने यह संकेत दिया कि यदि शुल्क बढ़ता है तो लोग वापस नकद (Cash) लेनदेन की ओर लौट सकते हैं.
ये भी पढ़ें: कौन है नंदन यादव? जमुई कांड में नाम आने से लेकर एनकाउंटर तक, सामने आई आरोपी की पूरी कुंडली
ADVERTISEMENT


