तमिलनाडु की राजनीति बहुत अरसे तक फिल्म स्टार्स ने चलाई. बहुत अरसे तक कोई स्टार राजनीति में आकर हिट भी नहीं हुआ. थलापति विजय ने लंबे गैप के बाद फिर से ये स्टैबलिश कर दिया कि स्टार्स से बड़ा कोई पॉलिटिकल गेम चेंजर हो नहीं सकता. थलापति विजय की ग्रोथ के बाद हर बड़ा स्टार अपने फैन से घबरा रहा है क्योंकि हर फैन को अपने-अपने स्टार में थलापति विजय दिख रहा है जो सीएम बने. पवन कल्याण अपने ऊपर पड़ प्रेशर की कहानी पहले ही सुना चुके हैं. अब बारी आई है राम चरण की.
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साउथ के गलियारों में राम चरण की राजनीति को लेकर चर्चाएं इसलिए भी ज्यादा उग्र हुईं, क्योंकि सीधा कनेक्शन तमिल सुपरस्टार जोसफ थलापति विजय से जुड़ रहा है. थलापति विजय ने 2024 में राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कझगम' (TVK) बनाई और 2026 में तमिलनाडु जीतकर सीएम बन गए. विजय की ब्लॉकबस्टर पॉलिटिकल सक्सेस को देखकर फैंस को लगने लगा कि उनका सुपरस्टार राम चरण भी राजनीति की कमान संभाल सकता है. राम चरण पर विजय फैक्टर का भयंकर प्रेशर बनने लगा.
राम चरण की फैमिली भी है पॉलिटिकल
रामचरण और विजय में एक बेसिक फर्क दोनों की फैमिली बैकग्राउंड का है. विजय की फैमिली कतई पॉलिटिकल नहीं थी. राम चरण की फैमिली जितनी फिल्मी है, उतनी पॉलिटिकल भी. राम चरण के सगे चाचा पावर स्टार' पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम हैं. उनकी पार्टी जनसेना ने आंध्र की राजनीति की किंगमेकर है. दूसरे चाचा नागा बाबू भी जनसेना पार्टी में रहकर राजनीति में हैं. राम चरण के पिता और तेलुगु सिनेमा में गॉड फादर कहे जाने वाले चिरंजीवी भी राजनीति में दो कदम आगे बढ़कर चार कदम पीछे चले गए. उन्होंने प्रजा राज्यम पार्टी थी. मनमोहन सिंह की सरकार में देश के केंद्रीय पर्यटन मंत्री भी रहे. बाद में पार्टी चली नहीं तो उन्होंने कांग्रेस में मर्ज कर दिया.
राम चरण ने तेलुगू एक्टर के तौर पर कई ऐसी फिल्में की जिसमें वो लोगों की आवाजें उठाते हैं. सिस्टम से लड़ते हैं. अपना पॉलिटिकल सिस्टम बनाते हैं. 2025 में आई गेंम चेंजर ऐसी ही एक फिल्म थी.
करियर में गेम चेंजर थी ये फिल्म
गेम चेंजर में राम चरण ने ईमानदार आईएएस अफसर का किरदार निभाया था. फिल्म इतनी हिट हुई कि राम चरण में फैंस ने पॉलिटिकल यूथ लीडर की झलक देख ली. सोशल मीडिया पर फैन्स लगातार मांग करने लगे कि उन्हें असल जिंदगी की राजनीति में आकर CM की दावेदारी पेश करनी चाहिए. विजय की जीत के बाद मुहिम चल पड़ी कि राम चरण को उनके फैंस गेंम चेंजर वाले रोल को रियल लाइफ में देखना चाहते हैं.
सुपरस्टार राम चरण की आने वाली फिल्मों के बज और सोशल मीडिया पर फैन्स की लगातार उठती मांग के बीच ये अफवाह जंगल की आग की तरह फैली कि वो भी सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं और भविष्य में सीएम के दावेदार नजर आ सकते हैं. राजनीति में आने, थलापति विजय जैसा करिश्मा करने की उम्मीद राम चरण के लिए चने की झाड़ पर चढ़ाने जैसा था लेकिन राम चरण झाड़ पर चढ़े नहीं. राम चरण ने पॉलिटिक्स में आने पर एकदम अपना स्टैंड क्लियर कर दिया. वो भी तब जबकि सियासत की पिच तैयार है. फैंस की डिमांड भारी है. लेकिन राम चरण ने साफ कर दिया कि वो सिनेमा के 'सिंघम' हैं, चुनावी अखाड़े के नहीं.
इंटरटेनमेंट में बेस्ट करना चाहते हैं रामचरण
सारी अटकलें, अफवाहों पर भास्कर के इंटरव्यू में राम चरण से पूछा गया था कि फैंस को उम्मीद है आप भी राजनीति में आएं? राम चरण ने कहा नहीं, बिल्कुल नहीं. मैं बस एंटरटेनमेंट फील्ड में बेस्ट बनना चाहता हूं.मेरे पिता और चाचा ने पॉलिटिक्स में कदम रखा, लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता. मेरे लिए दो नाव में सवार होना बहुत मुश्किल है. राजनीति में आने का कतई कोई इरादा नहीं है. एकमात्र फोकस भी सिर्फ फिल्मों में रहते हुए देश का सबसे बड़ा एंटरटेनर बनना है. सारा फोकस आने वाली फिल्मों पर है.
राम चरण तेलुगू के और थलापति विजय तमिल के स्टार हैं. दोनों ने कभी एक साथ कोई फिल्म नहीं की. 2011 में दोनों ने 'टाटा डोकोमो के एक एड में काम किया लेकिन स्क्रीन शेयर तब भी नहीं किया. तमिल में विजय और तेलुगु में राम चरण ने अलग-अलग एड किए थे. विजय जब राजनीति में आए तो राम चरण तो नहीं लेकिन उनकी पत्नी उपासना ने खुलकर स्वागत किया
पिता रह चुके हैं केंद्रीय मंत्री
एक ऐसा परिवार जिसके घर में खुद सूबे का डिप्टी सीएम बैठता हो और पिता देश के केंद्रीय मंत्री रह चुके हों, उस परिवार के सबसे बड़े ग्लोबल स्टार का राजनीति से तौबा करना हर किसी को हैरान कर रहा है. लेकिन राम चरण ने साफ कर दिया है कि भले ही थलापति विजय ने तमिल सिनेमा से राजनीति का रुख कर लिया हो या उनके चाचा पवन कल्याण आंध्र प्रदेश की सत्ता के टॉप पर हों, वो खुद अभी सिर्फ और सिर्फ फिल्मी पर्दे पर ही राज करना चाहते हैं.
हो सकता है कि बहुत सारे लोगों को ये नहीं पता होगा कि साउथ के एक और बड़े सुपरस्टार अल्लू अर्जुनरिश्ते में राम चरण के सगे ममेरे भाई लगते हैं. अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद राम चरण की मां के सगे भाई हैं. तेलुगू सिनेमा में आज दोनों ममेरे भाइयों का सिक्का चलता है जो तेलुगू से आगे पैन इंडिया पहुंच चुका है.
राम चरणभारतीय सिनेमा के एक 'ग्लोबल सुपरस्टार' हैं, जिनका डंका न केवल तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री टॉलीवुड में बल्कि पूरे भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बजता है. फैंस उन्हें प्यार से 'मेगा पावर स्टार' बुलाते हैं. तेलुगू जैसे रीजनल सिनेमा से निकले राम चरण आज ग्लोबल एक्टर माने जाते हैं. इसमें एस.एस. राजामौली की फिल्म 'आरआरआर का सबसे बड़ा हाथ है. इस फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ से अधिक की बंपर कमाई की थी. जूनियर एनटीआर के साथ नाटु-नाटु गाने ने ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा.
बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस रेट 64% से ज्यादा
राम चरण का बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस रेट 64% से ज्यादा माना जाता है. 2009 में रिलीज हुई मगधीरा तेलुगु सिनेमा की सबसे कमाऊ फिल्म बनी, जिसने राम चरण को रातों-रात स्टार बना दिया. राम चरण की खुद की नजरों में मगधीरा और रंगस्थलम-ये वो फिल्में हैं जिन्होंने उन्हें एक्टर बनाया.
RRR के बाद राम चरण की ब्रांड वैल्यू और स्टारडम में भारी इजाफा हुआ. उनकी फीस 100 करोड़ प्लस मानी जाती है. बड़े प्रोड्यूसर्स के अलावा कोई और उन्हें अफोर्ड नहीं कर सकता. देश के सबसे महंगे और ए-लिस्ट एक्टर की लिस्ट में शामिल हैं राम चरण.
राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी (Upasana Kamineni) देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर चेन अपोलो हॉस्पिटल्स के फाउंडर प्रताप सी. रेड्डी की पोती हैं. उपासना खुद अपोलो लाइफ की वाइस चेयरपर्सन और सक्सेसफुल बिजनेसवुमन हैं. राम चरण की नेटवर्थ 1400 करोड़ मानी जाती है. जब राम चरण की नेटवर्थ पत्नी उपासना की वेल्थ के साथ मिलाई जाती है तो पावर-कपल की ज्वाइंट संयुक्त नेटवर्थ 2,500 करोड़ के पार मानी जाती है.
इतनी अकूत दौलत और ग्लैमर की दुनिया में राज करने के बाद भी राम चरण जमीन से जुड़े और बेहद आध्यात्मिक हैं. साल में दो-दो बार नियम से 41 दिनों की कड़ी 'अयप्पा दीक्षा व्रत रखते हैं. 41 दिनों तक काले कपड़े पहनते हैं, नंगे पैर चलते हैं, जमीन पर सोते हैं और पूरी तरह सात्विक जीवन जीते हैं. 41 दिनों का ये व्रत उन्हें एनर्जी और शांति बनाता है. कुछ दिन पहले राम चरण ने ये व्रत पूरा किया है.
एक सवाल ये भी है कि राजनीति में राम चरण की मुहिम या चर्चा क्यों तेज हुई. 2025 में आई 'गेम चेंजर' के बाद, राम चरण की अगली सबसे बड़ी पैन इंडिया फिल्म पेद्दि 4 जून को रिलीज होने जा रही है जिसमें उनके अपोजिट जान्हवी कपूर हैं. कहीं फिल्म को हिट कराने के लिए ये पॉलिटिक्स वाला स्टंट तो नहीं चला गया.
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