पश्चिम बंगाल से एक ऐसी हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक हड़कंप मचा दिया है. राज्य में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता को ग्रामीणों के उस वक्त भारी गुस्से का सामना करना पड़ा, जब उनके खिलाफ सालों से जमा हो रहा आक्रोश अचानक फूट पड़ा. ग्रामीणों ने नेता जी को केवल घेरा ही नहीं, बल्कि उनके साथ जो किया, उसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है.
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क्या है पूरा मामला?
यह सनसनीखेज मामला पश्चिम बंगाल के श्यामपुर इलाके का है. यहां टीएमसी के एक स्थानीय नेता हैं, जिनका नाम सन्न्यासी मान्ना बताया जा रहा है. सन्न्यासी मान्ना पर काफी लंबे समय से केंद्र सरकार की '100 दिन की रोजगार योजना' के पैसों में हेरफेर और गरीबों के हक का धन गबन करने के गंभीर आरोप लग रहे थे. इलाके के मजदूर और आम लोग इस बात से भीतर ही भीतर बेहद नाराज थे कि मेहनत की गाढ़ी कमाई उन तक पहुंचने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही थी.
जब सब्र का बांध टूटा
रोज-रोज के भ्रष्टाचार से तंग आ चुके ग्रामीण इस बार आर-पार के मूड में थे. बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और उन्होंने सबसे पहले टीएमसी नेता सन्न्यासी मान्ना के घर या ठिकाने को घेरकर उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया और भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया.
आरोप है कि गुस्से से लाल ग्रामीणों ने पहले तो नेता जी को बीच सड़क पर पकड़ा और उनका सिर मुंडवा दिया. इसके बाद उनके गले में जूतों का भारी हार (माला) पहनाया गया. दरिंदगी और सबक सिखाने की जिद यहीं नहीं रुकी; भीड़ ने उनकी कमर में एक मजबूत रस्सी बांधी और उन्हें पूरे इलाके की सड़कों पर घुमाया. इस दौरान सड़क पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई. प्रदर्शन कर रहे लोगों का साफ कहना था कि जो लोग गरीबों के पेट पर लात मारकर उनका पैसा हड़पते हैं, उनका यही हश्र होना चाहिए.
भारी पुलिस बल ने बमुश्किल छुड़ाया
इलाके में इस कदर बवाल और एक राजनीतिक नेता को रस्सी से बांधकर घुमाए जाने की खबर जैसे ही स्थानीय प्रशासन तक पहुंची, पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में श्यामपुर थाने से एक बड़ी पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई.
घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया. पुलिस टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद सन्न्यासी मान्ना को हिंसक हो रही भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई. इस घटना के बाद से पूरे श्यामपुर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल में अब भी तनाव बना हुआ है. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में कितनी सच्चाई है और कानून अपने हाथ में लेने वालों पर क्या कार्रवाई की जाए.
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