झारखंड के सरकारी परीक्षा JPSC और JSSC में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहें छात्रों का आज 17वां दिन रहा. छात्रों ने आज विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया और विधानसभा के पास पहुंचकर जमकर बवाल काटा. इस दौरान पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बल का प्रयोग करते हुए वॉटर कैनन का प्रयोग किया और साथ ही आंसू गैस के गोले भी दागे. इसी बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हाथ में पोस्टर दिखाई दिए, जिसमें की तस्वीर अभय तिवारी की थी और उनपर कई तरह के आरोप लिखे हुए थे. अब सवाल उठता है कि आखिर यह अभय तिवारी कौन है, जो रांची प्रोटेस्ट के पोस्टर बॉय बन गए है और छात्र इसका पोस्टर लेकर क्यों प्रोटेस्ट कर रहे है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
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छात्रों के पोस्टर में अभय तिवारी पर दिखें गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हाथों में अभय तिवारी की तस्वीर और पोस्टर थे, जिसपर कई आरोप लिखे हुए थे. एक पोस्टर पर अभय तिवारी और उनके 10 परिजनों पर झारखंड में JSSC CGL BSO में रैंक पाने वाले का डिटेल लिखा हुआ था. पहला नंबर पर अभय तिवारी का नाम, दूसरे पर अभय के साले, तीसरे पर अभय के भाई, चौथे पर भौजाई, पांचवे पर साली, छठे पर ममेरे भाई उपेंद्र मिश्रा(BSO रैंक 51), सातवें पर चाचा के साढू के बेटे तेजनारायण पंडित(BSO रैंक 68), आठवें पर मौसा के भाई के बेटे बापी कुमार मिश्रा(BSO रैंक 124), नौवें पर साला का मौसेरा भाई बिक्रम पांडेय(BSO रैंक 127) और दसवें पर बहनोई के भांजे सुमित कुमार तिवारी(BSO रैंक 143) लिखा हुआ था.
कौन है अभय तिवारी?
अभय तिवारी झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर यानी BSO के पद पर तैनात था. वह झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं के पेपर लीक करने तथा उनमें हेरफेर करने वाले एक संगठित गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड निकला, जिसके बाद उसे CID ने गिरफ्तार कर लिया है. CID की जांच में सामने आया है कि वह सरकारी नौकरी में आने से पहले TRS-Data Private Limited यानी TDPL नाम की एजेंसी में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका था. यह वहीं TDPL कंपनी है जिसे उत्तर प्रदेश में पहले से ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है. फिलहाल वह जेल में है और CID उससे पूछताछ कर रही है.
कैसे फंसाता था अभ्यर्थियों को?
अभय तिवारी काफी शातिर तरीके से लोगों से पैसे ऐंठता था.कथित तौर पर वह एक सिंडिकेट चलाता था और प्रतियोगी परीक्षाओं में गारंटीड सिलेक्शन के नाम पर उम्मीदवारों से 25 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक की भारी रकम वसूलता था. वह उम्मीदवारों से पैसे ऐंठने के लिए उनके सामने अपनी सफलताओं का ढिंढोरा पीटता और रौब जमाता था.
13 साल में पास की 12 परीक्षाएं
इस दौरान जांच में यह भी सामना आया है कि अभय तिवारी ने 13 साल में 12 परीक्षाएं भी पास की है, जो कि निम्नलिखित है:
1. साल 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक ( दारोगा ) की लिखित परीक्षा
2. नेवी में एसएआर पद के लिए वर्ष 2013 की लिखित परीक्षा
3. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में सहायक पद हेतु वर्ष 2014 की लिखित परीक्षा
4. आईआरबी (IRB) कॉन्स्टेबल की लिखित परीक्षा
5. वर्ष 2018 की सीआरपीएफ हेड कॉन्स्टेबल (लिखित एवं टाइपिंग) परीक्षा
6. वर्ष 2014 में नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (NCL) की पीटी परीक्षा
7. जेएसएससी की पीजीटी टीचर परीक्षा
8. सीजीएल परीक्षा
9. जेपीएससी की सहायक वन रक्षक (ACF)
10. जेपीएससी वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO)
11. जेपीएससी खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO)
12. जेपीएससी की 11वीं झारंखड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा
नेटवर्क में कई बड़े चेहरे शामिल होने का शक
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय कुमार तिवारी एक व्यापक नेटवर्क संचालित कर रहा था, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते है. यह गिरोह प्रश्नपत्र लीक करने, परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर करने और अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये ऐंठने का काम करता था. CID फिलहाल इस पूरे सिंडिकेट के तार खंगालने में जुटी है और मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है. साथ ही अभय तिवारी के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है.
विधानसभा गेट के बाहर बैठे हुए छात्र
वहीं आज छात्र सुबह से प्रदर्शन कर रहे है. छात्र फिलहाल विधानसभा के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठे हुए है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का साफ कहना है कि अब तक सरकार की ओर से कोई बातचीत करने के लिए नहीं आया है. दूसरी ओर, पुलिस छात्रों से वापस लौटने की अपील कर रही है.
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