इंजीनियर, वकील और BJP के इंटेलेक्चुअल सेल से जुड़े... कौन हैं टीजी मोहनदास, जिनकी जंतर-मंतर पर छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों पर कथित टिप्पणी से मचा बवाल?

शिबिमोल

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 12:59 PM)

TG Mohandas Statement: केरल के लेखक और राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास एक विवादित बयान के बाद चर्चा में हैं. छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर उनकी कथित टिप्पणियों पर विरोध तेज हो गया है. RSS ने बयान से दूरी बना ली है, जबकि AISF ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है.

टीजी मोहनदास के बयान से मचा बवाल
टीजी मोहनदास के बयान से मचा बवाल
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TG Mohandas Controversy: केरल की राजनीति में टीजी मोहनदास के एक बयान को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े टीजी मोहनदास ने NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर टिप्पणी की थी. उनका बयान सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध तेज हो गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि टीजी मोहनदास कौन हैं, उन्होंने क्या कहा और उनके बयान को लेकर विवाद क्यों खड़ा हुआ है.

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जानिए क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, 'पत्रिका' नाम के यूट्यूब चैनल पर पब्लिश एक वीडियो में उन्होंने  कथित तौर पर कहा कि अगर उन्हें प्रदर्शनकारियों को संभालने का मौका मिलता तो वे उन्हें गोली मारने का आदेश देते. उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों का अपमान करते हुए उन्हें 'रेप पसंद करने वाली महिलाएं' भी कहा. एक दूसरे वीडियो में उन्होंने कहा, "वहां गैंग-रेप होंगे और भगवान की कृपा से, इसकी कोई शिकायत भी नहीं होगी. क्योंकि रेप पसंद करने वाले लोग हैं, खासकर लेफ्ट-विंग, सेक्युलर और डेमोक्रेटिक विचारधारा वाले लोग."

''सबसे पहले जंतर-मंतर इलाके में कर्फ्यू लगाएंगे''

वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने कहा कि अगर मुझे यह स्थिति संभालने का मौका मिलता तो "मैं उस इलाके में कर्फ्यू लगाता. जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगाया जाएगा. मैं वहां जमा लोगों से माइक का इस्तेमाल करके हटने के लिए कहूंगा. मैं तीन बार कहूंगा. फिर मैं गोली चलाऊंगा. लोग इधर-उधर भागेंगे. कुछ मर जाएंगे. कुछ नहीं मरेंगे. कुछ गंभीर रूप से घायल हो जाएंगे. चार घंटे के अंदर हालात शांत हो जाएंगे. लाशों को इकट्ठा करके अस्पताल ले जाया जाएगा. बहुत कुछ होगा." इन बयानों के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर टीजी मोहनदास की तीखी आलोचना शुरू हो गई. कई यूजर्स ने उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

बयान से RSS ने किया किनारा

टीजी मोहनदास के विवादित बयान के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खुद को उससे अलग कर लिया है. संघ के दक्षिण केरलम सह प्रांत कार्यवाह बी. श्रीकुमार ने जारी बयान में कहा कि हाल के आंदोलन को लेकर टीजी मोहनदास ने जो टिप्पणी की है, वह पूरी तरह उनके व्यक्तिगत विचार हैं. उन्होंने कहा कि मोहनदास संघ में किसी भी स्तर पर कोई दायित्ववान कार्यकर्ता नहीं हैं. बी. श्रीकुमार ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन विचारों से सहमत नहीं है. संघ का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियों की हर स्तर पर निंदा की जानी चाहिए.

कौन हैं टीजी मोहनदास?

टीजी मोहनदास केरल के लेखक, राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं. उनका जुड़ाव RSS और बीजेपी से है. इंजीनियर और वकील के रूप में पेशेवर जीवन शुरू करने वाले मोहनदास ने बाद में पत्रकारिता, टीवी एंकरिंग और राजनीतिक विश्लेषण के क्षेत्र में भी काम किया. वह बीजेपी के इंटेलेक्चुअल सेल में राज्य संयोजक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. इसके अलावा RSS से जुड़े भारतीय विचार केंद्र में भी उन्होंने नेतृत्व की भूमिका संभाली थी.

साल 2012 में भी टीजी मोहनदास चर्चा में आए थे. उस समय RSS से जुड़े साप्ताहिक पत्र केसरी में उनका एक लेख प्रकाशित हुआ था. इस लेख में बीजेपी और CPI(M) के बीच राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी, जिसके बाद दोनों दलों से जुड़े हलकों में व्यापक बहस शुरू हो गई थी.

AISF ने पुलिस प्रमुख से की कार्रवाई की मांग

उधर, CPI से संबद्ध छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने सोमवार को केरल के पुलिस प्रमुख के पास टीजी मोहनदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. संगठन का आरोप है कि उनकी टिप्पणियां हिंसा को बढ़ावा देने वाली हैं और इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए.

AISF का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ सरकारी बल के इस्तेमाल और गोली चलाने जैसी बातों का सार्वजनिक समर्थन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में नहीं आता. संगठन ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया.

अपनी शिकायत में AISF ने यह भी कहा कि टीजी मोहनदास की टिप्पणियां सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर तेजी से फैल रही हैं. इससे हिंसा भड़कने, लोगों में भय का माहौल बनने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो सकती है. छात्र संगठन ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

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