केतन अग्रवाल केस भले ही कोर्ट में है, भले ही मामले में पुलिस और भी तथ्य तलाश कर रही है. भले ही मामले में सरकारी वकील राज्यसभा सांसद उज्जवल निकम हैं जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी कसाब को सजा दिलाई थी पर सोशल मीडिया पर इस केस की छांव में रिश्तों को लेकर अलग-अलग तंज और मीम लगातार वायरल हो रहे हैं. इसी बीच केतन और सिया के रिंग सेरेमनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक बार फिर वायरल हो गया है.
ADVERTISEMENT
एक कहावत- 'मुख में राम बगल में छुरी'. रिंग सेरेमनी का ये वीडियो भी बहुत हद तक इसी कहावत को चरितार्थ कर रहा है. रिंग सेरेमनी के दौरान एंकर जब सिया से सवाल करती है कि आपको केतन में बतौर पति सबसे अच्छा गुा क्या है? सिया ने जो जवाब दिया अब वो खूब चर्चा में है सिया कहती है- 'ये बहुत केरयरिंग और दयालू हैं.' सिया का ये जवाब सुन केतन की खुशी का ठिकाना नहीं है. अब केतन इस दुनिया में नहीं हैं. लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने का आरोप उसकी मंगेतर सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी पर लगा है. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में पूछताछ के लिए रखा गया. पुलिस ने घटना का रिक्रिएशन भी कराया. जिस स्पॉट से केतन गिरा था पुलिस वहां सिया और चेतन को ले गई. यहां से उसने केतन का पुतला गिराकर घटना रिक्रिएट किया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है और देश के जाने-माने एडवोकेट उज्जवल निकम को सरकारी वकील बनाया गया है. केतन की मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर इस मामले में त्वरित जांच और न्याय की मांग की थी. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर केस की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की गुहार लगाई थी.
क्या है ये पूरा मामला ?
पुणे के गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो के रहने वाले केतन अग्रवाल ने अमेरिका के बाबसन कॉलेज से MBA कर 2023 में फैमिली बिजनेस संभालने इंडिया लौटे. 26 साल के केतन के माता-पिता इनकी शादी करना चाह रहे थे. रिश्ता पुणे के बिजनेस फैमिली से हुई जिनका मसालों का कारोबार था. इनकी बेटी सिया (20) को कथित तौर पर केतन भा गया और केतन को सिया. सगाई हो गई. दोनों प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने वाले थे. बाली जाते समय एयरपोर्ट से ही बैरंग केतन, सिया और सिया के भाई को वापस आना पड़ा. यहां केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया. ये पासपोर्ट यूं ही गायब नहीं हुआ. इसकी स्क्रिप्टी केतन की हत्या के साथ के साथ कथित तौर पर लिंक्ड थी. जिसकी जांच पुलिस कर रही है.
नवंबर में उदयपुर में शादी, करोड़ों खर्च की तैयारी
इधर केतन और उसका परिवार इस शादी के लिए खूब तैयारियां कर रहा था. नवंबर में ये शादी उदयपुर में होने वाली थी. करोड़ों रुपए खर्च करने की तैयारी थी. शादी में मेहमानों की लिस्ट बन रही थी. बाकी तैयारियों में परिवार मशगूल था.
लोहागढ़ किले पर 2 ट्रिप, एक में सांप-सांप और दूसरे में मौत
अपनी मौत की लिखी जा रही स्क्रिप्ट से बेखबर केतन अग्रवाल बाली नहीं जा पाया तो सिया उसे लेकर 14 जून को लोहागढ़ किले पर गई. आरोपों के मुताबिक यहां उसने केतन को धक्का तो दिया पर वो बच गया. फिर सिया चिल्लाने लगी कि सांप-सांप. केतन को उसने भरोसा दिला दिया कि यूं ही उसने धक्का नहीं दिया. उसने सांप देख लिया. वो घबरा गई और केतन को बचाने की कोशिश में धक्का दिया. केतन ने ये बात घर भी बताई जिसपर किसी ने खास ध्यान नहीं दिया.
सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी की ये पहली कोशिश थी. दोनों पिछले 1 साल ये रिलेशन में थे. सिया और केतन का परिवार एक ही बिजनेस सर्किल में था. इसलिए दोनों मिले और कब एक दूसरे को चाहने लगे किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई. सिया की मां के मुताबिक वो बस ये जानती थीं कि दोनों दोस्त हैं. इधर सिया केतन से शादी नहीं करना चाह रही थी. वो बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर उसे रास्ते से हमेशा-हमेशा के लिए हटाने की योजना बना रही थी. 14 जून को सिया का केतन के साथ दूसरा ट्रिप था. इससे पहले भी आ चुकी थी और किले का मुआयना कर चुकी थी.
पहली कोशिश फेल तो अब दूसरी बार फिर गई फोर्ट
सिया ने प्लान बनाया कि 19 जून से पहले एक बार और केतन को लोहागढ़ फोर्ट पर लेकर जाया जाए. इस बार उसने अपने जन्मदिन (19 जून) से ठीक पहले 18 जून को लोहागढ़ फोर्ट की सैर के लिए राजी कर लिया. इस दिन गर्मी काफी थी. चेतन अपना चेहरा छुपाने के लिए हुडी पहनकर गया था. यही हुडी इस पूरे मामले में खुलासे की कड़ी बना. चेतन और सिया में इस दौरान कई कॉल हुई. सिया केतन को डेथ प्वाइंट पर ले गई. इधर चेतन खाईं की तरफ चला गया. साजिश से बेखबर केतन को सिया ने धक्का दे दिया. वो 400 फीट गहरी खाईं में जा गिरा. हत्या के बाद सुबह 10:30 बजे सिया ने खुद पुलिस और परिजनों को फोन पर बताया कि चेतन फोटो क्लिक करते समय खाईं में गिर गया.
घंटों की मेहनत से पुलिस ने शव निकाला
पुलिस मौके पर पहुंची और 3 घंटे की मशक्कत के बाद शव खाई से निकाल लिया. इधर पुलिस और सिया के परिजन ने इसे हादसा समझा पर केतन की बहन इस पूरे मामले में साजिश की बू आ रही थी. उसे सिया के बात करने ढंग पर शक गहराने लगा. केतन चूंकि पहाड़ों में ट्रैकिंग कर चुका था. ऐसे में उसकी बहन को पैर फिसलने वाली थ्यौरी भी नहीं पची. केतन की बहन संजना ने पुलिस को ये बातें बताई. उसने ये भी बताया कि लोहागढ़ किले के हर रास्तों से वो वाकिफ था. ऐसे में पैर फिसलने और गिरने का तो सवाल ही नहीं उठता है. पिता विशाल अग्रवाल ने भी पुलिस को बताया कि सिया बात-बात पर लड़ने लगती थी. वो बाली जाने से पहले केतन का पासपोर्ट भी छुपा दी थी. वो अक्सर फोन पर घंटों किसी से बात करती थी. पुलिस ने जांच का एंगल बदला.
पुलिस ने जांच शुरू की तो संदिग्ध हुडी वाला दिखा
इधर पुलिस ने जांच शुरू की तो संदिग्ध हुडी वाला दिखा. गर्मी में हुडी पहने वाले पर पुलिस का शक गया. 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनने का क्या तुक था. पुलिस ने जब सिया का कॉल रिकॉर्ड निकला तो कहानी और साफ होने लगी. जब पुलिस ने सिया और चेतन को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो सारी कहानी सामने आ गई. चेतन ने अपना फोन घर पर ही छोड़ दिया था ताकि लोकेशन ट्रेस न हो पाए पर कई कैमरों को खंगालने पर वो पकड़ गया. फिालहाल दोनों जेल में हैं.
इनपुट: न्यूज तक डेस्क
ADVERTISEMENT

