वंदे मातरम के सिर्फ 2 छंद वाले फैसले को लेकर कांग्रेस पर भड़के अमित शाह, 1937 के फैसले पर उठाए सवाल

न्यूज तक डेस्क

• 01:05 PM • 20 Aug 2026

कांग्रेस के वंदे मातरम के सिर्फ दो छंद गाने के फैसले पर अमित शाह ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे देश विरोधी फैसला बताया. शाह ने 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव का जिक्र करते हुए पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूरा वंदे मातरम गाने पर जोर दे रही है.

NewsTak
Google CTA

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के फैसले पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस के उस निर्णय को 'देश विरोधी' बताया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी ने 1937 के अपने प्रस्ताव के अनुरूप वंदे मातरम के दो ही छंद गाने का फैसला किया है.

Read more!

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति का यह फैसला बेहद आश्चर्यजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के तहत वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांटने का निर्णय लिया था.

कांग्रेस के पुराने फैसले का किया जिक्र

अमित शाह ने कहा कि 1937 का कांग्रेस का फैसला देश के इतिहास में एक बड़ी गलती थी. उनके मुताबिक, इसी दौर में वंदे मातरम को लेकर किए गए फैसले और तुष्टिकरण की राजनीति ने अलगाववादी सोच को बढ़ावा दिया. शाह ने दावा किया कि इससे दो राष्ट्र के सिद्धांत को भी ताकत मिली और आगे चलकर देश का विभाजन हुआ.

'150वें वर्ष में ऐतिहासिक गलती सुधार रही मोदी सरकार'

अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम के प्रकाशन के 150वें वर्ष में नरेंद्र मोदी सरकार इस ऐतिहासिक गलती को सुधारने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस रचना को पूरा गाने के जरिए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.

शाह के मुताबिक, सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर फैसला लिया है और इसे कानूनी आधार भी दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस निर्णय की अवहेलना करने का फैसला किया है.

'कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि'

गृह मंत्री ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फैसला उसकी तुष्टिकरण की नीति को एक बार फिर सामने लाता है.

#WATCH | Chengalpattu, Tamil Nadu | On Congress's CWC resolution on Vande Mataram, Union Home Minister Amit Shah says, "Yesterday, Congress Working Committee took an anti-national decision. Following their 1937 resolution, Congress decided to sing only two stanzas of Vande… pic.twitter.com/9BmI4PJKml

— ANI (@ANI) August 20, 2026

अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है. उन्होंने उन शहीदों का भी जिक्र किया, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम का नारा लगाते हुए बलिदान दिया और वर्षों तक जेल में यातनाएं सहीं.

 '1937 का प्रस्ताव मान रही कांग्रेस'

अमित शाह ने अपने बयान के अंत में कांग्रेस पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस 1937 में अपनी पार्टी की ओर से लिए गए प्रस्ताव को मान रही है, जबकि संसद के बनाए कानून को नकार रही है.
 

Charchit Chehra: मायावती ने फिर क्यों याद किए अपने 'चाणक्य' सतीश चंद्र मिश्रा? 2027 से पहले कमबैक के पीछे क्या है बड़ी रणनीति