असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है और इसे लेकर राजनीतिक पारा अपने चरम पर है. बीजेपी, कांग्रेस, AIDUF समेत कई दल इस चुनाव में उतर चुके है और अपनी सरकार बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे है. इसी बीच कांग्रेस पार्टी के लिए एक बुरी खबर आई है क्योंकि चुनाव आयोग ने कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों का नामांकन खारिज कर दिया है. इन तीन सीट में एक सीट वो भी है जहां से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा चुनाव लड़ रहे है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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किन-किन सीटों पर खारिज हुआ नामांकन?
कांग्रेस के जिन तीन सीट पर नामांकन खारिज हुआ है उनमें जालुकबारी, हाफलोंग और धकुआखाना सीट शामिल है.
जालुकबारी सीट- इस सीट से कांग्रेस ने बिदिशा नियोग को अपना उम्मीदवार बनाया था और वे यहां असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ चुनावी मैदान में थी. लेकिन अब चुनाव आयोग ने उनका नामांकन खारिज कर दिया है. बताया जा रहा है कि आयोग ने नामांकन खारिज करने की वजह तक नहीं बताई है.
हाफलोंग सीट- हाफलोंग सीट पर इस बार एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. कांग्रेस पार्टी ने इस सीट से दो-दो उम्मीदवार उतार दिए थे, लेकिन अब निर्मल लंगथासा का नॉमिनेशन खारिज कर दिया गया है और कांग्रेस पार्टी की दूसरी उम्मीदवार नंदिता गार्लोसा का नामांकन मंजूर कर लिया है.
धकुआखाना सीट- तीसरी सीट धकुआखाना विधानसभा सीट है, जहां से कांग्रेस उम्मीदवार आनंद नराह का नामांकन खारिज किया गया है.
चुनाव आयोग ने स्क्रूटनी के दौरान कुल 18 उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए है, जिसमें कांग्रेस के अलावा जेएमएम और रीजनल पार्टी के कैंडिडेट्स भी शामिल है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बिना कारण बताए नामांकन खारिज करने की हो रही है.
हाफलोंग सीट पर कांग्रेस ने क्यों उतारे दो उम्मीदवार?
विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पार्टी बदलने की खबरें तो आम हो गई है. कुछ ऐसा ही हाफलोंग सीट पर भी हुआ है. कांग्रेस ने अंतिम समय में नंदिता गार्लोसा का नॉमिनेशन कराया था. दरअसल नंदिता गार्लोसा भारतीय जनता पार्टी में थी और असम सरकार में मंत्री भी थी. लेकिन जब अंतिम वक्त में उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बीजेपी और अपना मंत्री पद दोनों ही छोड़ दिया और कांग्रेस का दामन थाम लिया.
अमन विधानसभा का गणित
अमन विधानसभा में कुल 126 सीटें है और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 20 मई, 2026 को खत्म हो रहा है. 2026 में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए एक फेज में वोटिंग की प्रक्रिया होगी और 4 मई को वोटों की गिनती के बाद परिणाम आएंगे. असम में किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कुल 64 सीटें चाहिए. साल 2021 की बात करें तो NDA ने कुल 126 सीटों में 75 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी सरकार बनाई थी.
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