Charchit Chehra: 'कॉकरोच जनता पार्टी' चुपचाप कर रही राहुल गांधी और कांग्रेस का काम? अभिजीत दीपके के डिजिटल क्रांति की पूरी कहानी

Who is Abhijeet Deepke: कौन हैं अभिजीत दीपके, जिन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाकर सोशल मीडिया पर डिजिटल क्रांति छेड़ दी? जानिए CJP का राहुल गांधी, कांग्रेस, अरविंद केजरीवाल और AAP से क्या है कनेक्शन, कैसे एक मीम मूवमेंट ने BJP के डिजिटल नैरेटिव को चुनौती दी और क्यों इंटरनेट पर छाया हुआ है.

Cockroach Janata Party
Cockroach Janata Party

रूपक प्रियदर्शी

follow google news

Cockroach Janta Party News: 15 मई की सुबह तक, 30 साल के अभिजीत दीपके सिर्फ एक आम नौजवान थे. एक पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट, जिसने पढ़ने-सीखने के लिए पुणे से अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी का सफर तय किया. अगले दिन, उनके दिमाग से निकली एक सनक ने देश की राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी डिजिटल बगावत को जन्म दे दिया. देश के सबसे बड़े जज के मुंह से निकले कॉकरोच, पैरासाइट जैसे शब्दों ने अभिजीत दीपके को हिला दिया. हालांकि वो न तो भारत में रह रहे हैं, न बेरोजगार हैं, न फर्जी डिग्री लेकर किसी अदालत में प्रैक्टिस करते पकड़े गए. 

Read more!

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अदालत में जिन युवाओं को कचरे का कॉकरोच कहा, अभिजीत ने उसी 'इंसल्ट' से देश के पॉलिटिकल सिस्टम, बीजेपी, सरकार के खिलाफ बगावत छेड़ दी. बिना एक रुपया का खर्च और बिना कोई रैली किए, इस लड़के ने इंटरनेट पर एक ऐसी कॉकरोच सेना खड़ी कर दी जिसने देश की सबसे शक्तिशाली पार्टी बीजेपी के सोशल मीडिया साम्राज्य को घुटनों पर ला दिया. चर्चित चेहरा के इस खास एपिसोड में आज जानेंगे कहानी इंटरनेट के सबसे चर्चित चेहरा अभिजीत दीपके की जो शान से कह रहा है-मैं भी कॉकरोच. हमने सीधे सत्ता के सिंहासन को हिलाकर रख दिया.

मीम-मार्केटिंग के मास्टर है अभिजीत

'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे जिस दिमाग का हाथ है, उनका नाम है अभिजीत दीपके. अभिजीत पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं, जो डिजिटल नैरेटिव और मीम-मार्केटिंग के मास्टर हैं. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के रहने वाले हैं. पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है. हाल में अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की है. नौकरी ढूंढते-ढूंढते जिंदगी ने कहां पहुंचा दिया. 

अभिजीत केवल पढ़ने-लिखने वाले स्टूडेंट नहीं रहे. अमेरिका जाने से पहले राजनीति में एक कदम रख चुके थे. अभिजीत 2020 से 2022 के बीच आप की सोशल मीडिया टीम और चुनाव अभियानों से जुड़े रहे. केजरीवाल की पार्टी के लिए कई मीम-कैंपेन भी चलाए.

'कॉकरोच' कंट्रोवर्सी की असल कहानी!

कहानी 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच से शुरू हुई थी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत वकीलों को सीनियर दर्जा देने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. सुनवाई के दौरान उन्होंने कह दिया कि, कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें अपने प्रोफेशन में कोई काम या रोजगार नहीं मिलता. उनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और पूरे सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं. हल्ला मचा तो चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सफाई दी लेकिन उनकी सफाई हंगामे के शोर में दब गई. चीफ जस्टिस ने विवादित बयान में बोला तो पैरासाइट भी था लेकिन पकड़ा गया सिर्फ कॉकरोच.

इंसल्ट बना ब्रैंड और डिजिटल आंदोलन

इसी बयान के बाद एक डिजिटल क्रांति का जन्म हुआ और इंटरनेट पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का जन्म हुआ. सरकार, बीजेपी, कोर्ट, सिस्टम से नाराज दीपके ने इंसल्ट पर रोने या गुस्सा करके कुछ लिखने की बजाय हथियार बना लिया. अभिजीत दीपके ने AI टूल्स की मदद से फटाक से जिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज तैयार किया, उसने इंटरनेट के सारे एल्गोरिदम तोड़ दिए. 

बीजेपी को सोशल मीडिया और डिजिटल नैरेटिव की सबसे मजबूत खिलाड़ी माना जाता है. लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया पावर ने बीजेपी के नैरेटिव को उसी के गढ़ सोशल मीडिया पर ढेर दिया. इंस्टाग्राम पर बीजेपी के दोगुनी से ज्यादा फॉलोअर्स (19.9 मिलियन+) बटोर लिए. बीजेपी की सोशल मीडिया आर्मी जिसे अक्सर ट्रोल आर्मी कहा जाता है, उसके खिलाफ समानांतर 'कॉकरोच आर्मी' खड़ी कर दी. बीजेपी जो 'विकास' और 'राष्ट्रवाद' का नैरेटिव सोशल मीडिया पर बेचती है, CJP ने उसे बेरोजगारी, मंहगाई और युवाओं की निराशा वाले मीम्स से पूरी तरह री-ब्रैंड कर दिया.

ये केवल कमाए या जुटाए गए नंबर नहीं बल्कि बीजेपी के मिलियन फॉलोअर्स वाले विशाल साम्राज्य पर करारी डिजिटल डिजिटल चोट साबित हुई. दावा किया जा रहा है कि हद से ज्यादा वायरल होने के बाद X ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट सस्पेंड कर दिया. मतलब हथौड़ा गर्म लोहे पर बिलकुल सटीक जगह पड़ा.

बीजेपी विरोधियों के लाडले बने अभिजीत 

कॉकरोच जनता पार्टी  कोई राजनीतिक पार्टी नहीं. उसका कोई चुनाव चिन्ह नहीं, कोई दफ्तर नहीं. बस है तो एक पॉलिटिकल एजेंडा और एक नारा- 'मैं भी कॉकरोच'. कॉकरोच किसी गाली से कम नहीं. अभिजीत दीपके ने गाली को गहना बनाया. उस गहने का गन बीजेपी की ओर मोड़ और बन गए एंटी बीजेपी वालों के फेवरेट. 

कॉकरोच आंदोलन पूरी तरह से सरकार विरोधी बन चुका है इसलिए बीजेपी विरोधियों का लाडला बना है. मुहिम को अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण जैसे बड़े चेहरों का भी समर्थन मिला है. विपक्ष के नेता भी CJP के मीम्स और पोस्ट्स को री-शेयर कर रहे हैं. जो काम वे रैलियों और बयानों से नहीं कर पा रहे थे, वो ये कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर फोन चला रहे युवाओं के जरिए बेहद आसानी से कर रही है. 

CJP के बहाने हो रहा कांग्रेस का काम!

राहुल गांधी या कांग्रेस ने ऑफिशियली कुछ कहा नहीं लेकिन काम उनका ही हो रहा है. राहुल गांधी रैलियों और सोशल मीडिया पर लगातार युवाओं की बेरोजगारी, NEET/NET जैसे पेपर लीक मुद्दों और सिस्टम से प्रताड़ित युवाओं की लड़ाई लड़ रहे हैं. उनके लिए कॉकरोच जनता पार्टी बिना मेहनत की कमाई जैसी है. जो एंटी-बीजेपी, माहौल देखना चाहते हैं वो काम डिजिटल पार्टी इंटरनेट पर कर रही है.

CJP का मैनिफेस्टो और जॉइन करने की शर्तें

CJP का अजीबोगरीब मैनिफेस्टो है, जॉइन करने की शर्तें भी अजीब हैं, जैसे- बेरोजगार होना चाहिए,आलसी होना चाहिए. हमेशा ऑनलाइन रहने वाला होना चाहिए, प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता होनी चाहिए. हालांकि हंसी मजाक अपनी जगह लेकिन मेनिफेस्टो बेहद गंभीर मुद्दों को उठाता है जो सीधे बीजेपी, सरकार पर चोट करता है. इसी से लगता है कि सीजेआई से नाराज होकर बनी पार्टी का असली निशाना कौन है. 

कॉकरोच मेनिफेस्टो कहता है-चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीट या कोई सरकारी इनाम नहीं मिलेगा. किसी भी नागरिक का वोट कटने पर चुनाव आयुक्त को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाएगा. संसद, कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण और दलबदल करने वाले नेताओं (MLA/MP) पर 20 साल के लिए चुनाव लड़ने पर बैन.। ऐसा मेनिफेस्टो चाहते तो बहुत सारे लोग हैं लेकिन सवाल ये कि ये सब करें कौन. शायद इसी से लाखों लोगों की पसंद बनी है बीजेपी के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी.

क्या बीजेपी पर सीधावार कर रही CJP?

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत भले  चीफ जस्टिस सूर्यकांत के एक अदालती बयान के खिलाफ गुस्से से हुई थी, लेकिन ये आंदोलन महज कुछ घंटों में बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ बड़ी सियासी आवाज में तब्दील हो गया. एक अदालती गुस्सा, एंटी-बीजेपी आंदोलन बन गया? CJP का एजेंडा केवल चीफ जस्टिस के बयान तक सीमित नहीं रहा. मैनिफेस्टो सीधे बीजेपी की नीतियों पर चोट है. उसी पर रिटायर होने पर जजों को राज्यसभा भेजने, चुनाव आयोग पर कब्जा करने, दल-बदल से पार्टियां तोड़ने, सरकारें बनाने के आरोप लगे. 

कॉकरोच जनता पार्टी का लॉजिक ये है कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग या पुलिस प्रशासन जो करते हैं या जो स्टैंड लेते हैं, वो देश की सत्ताधारी पार्टी के इशारे या उसके प्रभाव में होता है. चीफ जस्टिस ने जब बेरोजगारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को कॉकरोच, पैरासाइट कहा तो इसे मोदी सरकार के कार्यकाल में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं की खराब आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखा.  देश में रोजगार देना सरकार का काम है. जब सिस्टम ही गाली देने लगे, तो जवाबदेही सीधे सरकार की बनेगी ही. 

सोशल मीडिया की बता दी ताकत!

एक थ्योरी ये भी कि मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स की बड़ी पार्टियों से भी कॉकरोच पार्टी खुश नहीं है. बीजेपी को छोड़िए, कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टी भी बुलंदी से आवाज नहीं उठा पा रहे. कॉकरोच जनता पार्टी ने युवाओं को ऐसा मंच दिया जहां वो बिना किसी पुरानी राजनीतिक पार्टी का झंडा उठाए, सीधे सत्ता, बीजेपी की रीतियों-नीतियों पर अपने तरीके से चोट कर सकें. 

कॉकरोच जनता पार्टी का उभरना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कोई सामान्य घटना नहीं है. यह इस बात का जिंदा सुबूत है कि जब मुख्यधारा का विपक्ष कमजोर पड़ता है, और जब देश की संवैधानिक संस्थाएं आम नागरिक के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती हैं, तो सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह जाता- वह एक बगावती संसद बन जाता है.

CJP ने साबित कर दिया कि इंटरनेट के दौर में सत्ता को चुनौती देने के लिए अब बड़े-बड़े फंड्स, आलीशान दफ्तरों या बाहुबलियों की जरूरत नहीं है. अगर आपके पास युवाओं का दर्द है और उसे बयां करने का सही डिजिटल हुनर है, तो एक अदृश्य 'कीड़ा' भी सत्ता के सबसे मजबूत सिंहासन की नींव हिला सकता है. अभिजीत दीपके और उनकी इस 'कॉकरोच सेना' ने देश के सियासी इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है- एक ऐसा अध्याय, जहां जनता अब चुप नहीं बैठेगी, बल्कि सिस्टम के हर अहंकार को उसी की भाषा में जवाब देगी.

यहां देखें वीडियो

कौन हैं अमेरिका से पढ़े अभिजीत दीपके जिन्होंने बनाई 'कॉकरोच जनता पार्टी', जिसके इंस्टा पर आई फॉलोअर्स का सुनामी !

    follow google news