स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का अविश्वास प्रस्ताव, सचिवालय को दिया नोटिस

Breaking News: कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देकर संसद के बजट सत्र में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दे रहे हैं. जानिए अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ा पूरा राजनीतिक घटनाक्रम.

Om Birla No Confidence Motion
Lok Sabha Speaker Om Birla

मौसमी सिंह

follow google news

संसद के बजट सत्र के शुरुआती समय से ही इस बार घमासान देखने को मिल रहा है. इसी बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो कंफीडेंस मोशन यानी अविश्वास प्रस्ताव के लिए सचिवालय को नोटिस दिया है. इस प्रस्ताव के करीबन 118 सांसदों के हस्ताक्षर है. दरअसल विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला उनके नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं देते है और जब भी बोलने के लिए उठते है तो उन्हें टोक दिया जाता है. इसी बीच आज जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई थी तब से ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था जिसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया था. 12 बजे के बाद फिर हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दी गई थी.

Read more!

इंडी गठबंधन की हुई थी अहम बैठक

इस अविश्वास प्रस्ताव से पहले आज इंडिया गठबंधन के लोगों ने एक जरूरी बैठक की थी. इस बैठक की अध्यक्षता विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की थी. इस बैठक में संसद सत्र से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा की गई थी.

राहुल गांधी ने नहीं किया हस्ताक्षर

इस अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने हस्ताक्षर नहीं किया है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को देखते हुए विपक्ष के नेता के द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर करना ठीक नहीं है.

क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?

अविश्वास प्रस्ताव यानी नो कंफीडेंस मोशन को संवैधानिक भाषा में हटाने का प्रस्ताव कहा जाता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94(c) में लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने की बात का जिक्र है. हालांकि यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है जितनी नाम से लगती है. किसी भी लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने के लिए भी नियम और शर्तें बनाए गए है और जब ये शर्तें पूरी होती है, तब जाकर ही सदन में इस पर कोई फैसला हो पाता है.

स्पीकर को कैसे हटाया जा सकता है?

किसी भी लोकसभा स्पीकर को उसके पद से हटाने के लिए 14 पहले एक लिखित नोटिस दिया जाता है. इस नोटिस पर कम से कम 50 सांसदों का हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है. 50 से कम सांसदों के हस्ताक्षर पर अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा अगर अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार भी हो जाता है तो इसके लिए सदन में बहुमत होना भी जरूरी है. यानी जिस पक्ष में जितने ज्यादा सांसद होंगे, वह जीत जाएंगे.

ओम बिरला को हटाने के लिए क्या है नंबर गेम?

अब सबसे बड़ा सवाल आता है कि क्या कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर पद छोड़ना होगा? तो इसके लिए नंबर गेम समझना बहुत जरूरी है. लोकसभा में कुल 543 सीटे हैं, जिसमें एक सीट अभी खाली है जिससे 542 सदस्य है. इस हिसाब से देखा जाए तो बहुमत का आंकड़ा 272 का है. फिलहाल NDA के पास 293 सांसद है और विपक्ष के पास 234 सांसद है. यानी अगर जब तक सत्ता पक्ष के कुछ लोग विपक्ष का साथ नहीं देंगे तब तक ओम बिरला को हटाना मुश्किल है.

यहां देखें अविश्वास प्रस्ताव का पीडीएफ

इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटा पाएंगे राहुल गांधी या नंबर गेम में खानी पड़ेगी मात? जानें क्या कहते हैं नियम

इसे लगातार अपडेट कर रहे है...

    follow google news