पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बीते कल राज्य के 2 विधानसभा सीट रेजीनगर और नंदीग्राम पर हुए उपचुनाव के बाद अब MLA हुमायूं कबीर के एक बयान ने सियासी पारा काफी हाई कर दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने वाले और AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने अपने राजनीतिक जीवन से संन्यास के संकेत दे दिए है. बता दें कि बीते कल यानी मंगलवार को रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि 12 घंटे के बाद रिहा कर दिया गया था. अब इसके ही अगले दिन हुमायूं कबीर ने बुधवार को मीडिया से बातचीत कर बड़ा ऐलान कर दिया है.
ADVERTISEMENT
'राजनीति से ले लूंगा संन्यास'
AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि, 'जैसे ही यह चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उसके बाद ही नौदा में एक बैठक बुलाकर जनता से यानी नौदा के लोगों से माफी मांगते हुए मैं अपने 64 साल के जीवन में राजनीति से संन्यास ले लूंगा.' अगर मैं इतने अन्याय का सामना नहीं कर पाता, तो मैं अन्याय के साथ समझौता करके नहीं रह सकता. मैं राजनीति नहीं कर सकता हूं.
'ममता बनर्जी के साथ रहते हुए गलत कामों की आलोचना की'
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, 'मैंने हमेशा वामपंथियों के अन्याय के खिलाफ आंदोलन किया है. ममता बनर्जी की पार्टी में रहते हुए भी मैंने उनके गलत कामों की आलोचना की है, जिसके लिए मुझे चार बार कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, एक बार निष्कासित हुआ और एक बार निलंबित.'
हुमायूं कबीर ने आगे कहा कि, 'मेरे इस राजनीतिक जीवन में मैंने 3-3 बार विधायक पद से इस्तीफा दिया है. पहली बार 18 महीने बाद, 20 नवंबर 2012 को कांग्रेस विधायक के तौर पर इस्तीफा दिया था. फिर तृणमूल विधायक के तौर पर 30 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया. और फिर 'आम जनता विकास पार्टी' के रेजिनगर विधायक के तौर पर 15 मई 2026 को इस्तीफा दिया. इस तरह मेरे तीन इस्तीफे हो चुके हैं.
'मैं नौदा के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दूंगा'
हुमायूं कबीर ने इसी दौरान साफ शब्दों में राजनीति छोड़ने के संकेत भी दिए है. उन्होंने कहा कि, 'आने वाले समय में अगर नौदा के लोग सहमति देते हैं या अपनी राय रखते हैं, चाहे मैं 1000 लोगों को बुलाऊं या 10,000 को और उनमें से 60% लोग मुझसे कहते हैं कि 'हां, अगर आपका मन नहीं है तो आप पद छोड़ दें,' और मुझे वह अनुमति देते हैं, तो मैं नौदा के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दूंगा. मैं आपको यह वचन देता हूं.'
उपचुनाव में वोटिंग के दौरान लिए गए थे हिरासत में
रेजीनगर विधानसभा सीट पर इस बार काफी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था. दरअसल, यहां से हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद चुनाव लड़ रहे थे. इसी दौरान जब बीते कल हुमायूं कबीर वोट देकर बाहर निकले तो उनकी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस हो गई. धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया और फिर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हालांकि लगभग 12 घंटे के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हुमायूं कबीर पर गाली-गलौज करने और झड़प करने का आरोप लगाया गया था.
क्या है बाबरी मस्जिद वाली कहानी?
दरअसल हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही थी. तब वे TMC के नेता थे और दिसंबर 2025 में उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में अयोध्या की कथित बाबरी मस्जिद के मॉडल पर नई मस्जिद बनाने की घोषणा की थी. फिर 6 दिसंबर 2025 को उन्होंने इसकी नींव भी रखी. हालांकि बाद में TMC ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. इसके बाद ही हुमायूं कबीर ने AJUP(आम जनता उन्नयन पार्टी) बना ली. 'बाबरी मस्जिद' का फरवरी 2026 में औपचारिक रूप से काम भी शुरू हुआ था.
ADVERTISEMENT


