चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ अपनी अगली रणनीति तय करने और विपक्षी एकजुटता का संदेश देने के लिए बुधवार को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा हो रहा है. हालांकि, बैठक का औपचारिक आगाज होने से पहले ही विपक्षी खेमे की दरारें एक बार फिर खुलकर सामने आ गई हैं. गठबंधन के कई प्रमुख चेहरे इस बैठक से नदारद हैं, वहीं कुछ ने केवल औपचारिक प्रतिनिधि भेजने का फैसला किया है. विपक्ष के इस रुख पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी घेराबंदी करने का मौका मिल गया है.
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बैठक में कौन-कौन शामिल?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अगुवाई में हो रही इस बैठक में AICC के जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, TMC से ममता बनर्जी व अभिषेक बनर्जी और RJD के तेजस्वी यादव शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा SP, CPI, CPI(M), NCP (शरद पवार) और शिवसेना (UBT) के प्रतिनिधि भी इस साझा रणनीति का हिस्सा बनेंगे.
इन बड़े नामों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
बैठक में कौन मौजूद है, उससे ज्यादा चर्चा उन नेताओं की हो रही है जिन्होंने इससे दूरी बना ली है.
समाजवादी पार्टी (SP) की ओर से दबाव की राजनीति: अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन का हवाला देते हुए बैठक में न आने की वजह बताई है. हालांकि, माना जा रहा है कि यह कांग्रेस के प्रति उनकी नाराजगी जताने का तरीका है. हाल ही में इमरान मसूद और यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के सीट शेयरिंग व गठबंधन पर आए बयानों से अखिलेश असहज हैं. पार्टी सूत्रों की मानें तो अखिलेश ने रणनीति के तहत ही रामगोपाल यादव के नामांकन का दिन आज चुना ताकि वे भी इस बैठक से दूर रह सकें. सपा की ओर से कोई बड़ा चेहरा भेजने के बजाय केवल मोहिबुल्लाह नदवी और हरेंद्र मलिक को प्रतिनिधि बनाकर भेजा गया है.
DMK का कड़ा रुख
'विपक्ष का हिस्सा हैं, INDIA ब्लॉक का नहीं': तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK ने इस बैठक से पूरी तरह किनारा कर लिया है. पार्टी प्रवक्ता TKS एलंगोवन ने साफ शब्दों में कहा कि वे बीजेपी के विरोध में अन्य दलों के साथ हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और DMK के रिश्ते तल्ख हो गए थे, जब कांग्रेस ने एक्टर विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) को अपना समर्थन दिया था. हालांकि, DMK ने यह भरोसा जरूर दिया है कि चुनाव आयोग के खिलाफ संसद में आने वाले किसी भी प्रस्ताव का वे समर्थन करेंगे.
AAP ने बहुत पहले बना ली थी दूरी: अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) भी इस बैठक से नदारद रहेगी. पंजाब में आपसी प्रतिद्वंद्विता और 2024-25 के चुनावों के दौरान बढ़े मतभेदों के चलते AAP जुलाई 2025 में ही आधिकारिक तौर पर इस गठबंधन से अलग हो चुकी है.
उद्धव ठाकरे होंगे वर्चुअली शामिल: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे व्यक्तिगत रूप से दिल्ली नहीं पहुंचे हैं. वे चुनाव आयोग के खिलाफ 4 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले बड़े प्रदर्शन की तैयारियों में व्यस्त हैं. हालांकि, वे इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे.
बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
इस बैठक का मुख्य मकसद SIR प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक साझा जनांदोलन की रूपरेखा तैयार करना है. इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रणनीति बनाई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, CEC को पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में प्रस्ताव लाने का एक ड्राफ्ट नोटिस तैयार किया गया है, जिस पर इस बैठक में अंतिम सहमति ली जा सकती है.
गौरतलब है कि इससे पहले 8 जून को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में NEET विवाद को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखने का फैसला लिया गया था. अब देखना यह होगा कि आंतरिक खिंचातान के बीच यह गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ कितना प्रभावी साझा मंच तैयार कर पाता है.
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