गृह मंत्रालय VIPs की सुरक्षा में करने जा रहा है बड़ा बदलाव! अब ये गार्ड करेंगे आडवाणी की सेक्योरिटी

सुमित पांडेय

16 Oct 2024 (अपडेटेड: Oct 16 2024 7:53 PM)

जिन VIP लोगों की सुरक्षा में अब तक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) तैनात थी, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को दी जा सकती है. इसमें लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज राजनेता शामिल हैं. साथ ही योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा भी बदल सकती है.

Narendra Modi and Lal Krishna Advani
नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की है. (फाइल फोटो)
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केंद्रीय गृह मंत्रालय सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव कर सकता है. गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन VIP लोगों की सुरक्षा में अब तक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) तैनात थी, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को दी जा सकती है. सूत्र बताते हैं कि ये बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. VIPs की सुरक्षा से एनएसजी कवर हटाकर उसे सीआरपीएफ कवर दिया जाएगा. 

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सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में जिन प्रमुख नेताओं की सुरक्षा बदली जाएगी. उनकी सुरक्षा अब CRPF के हवाले की जाएगी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी और मायावती के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद और फारुख अब्दुल्ला और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू का नाम शामिल है.     

ऐसी चर्चा है कि यह निर्णय देशभर के VIPs की सुरक्षा के तरीकों में सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है. हालांकि, यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई खामी न हो. CRPF पहले से ही कई महत्वपूर्ण नेताओं और VIPs की सुरक्षा संभालती रही है और अब इस नई जिम्मेदारी के तहत और अधिक VIPs को अपनी सुरक्षा कवच में लेगी.

राहुल गांधी का नाम लिस्ट में नहीं, लेकिन होगा बदलाव? 

राहुल गांधी का नाम भले ही इस लिस्ट में न हो, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं. जब उनकी और उनके परिवार की एसपीजी सुरक्षा कवर हटाया गया तो जमकर बवाल हुआ था. इसके बाद उन्हें देश में शीर्ष स्तर की ज़ेड प्लस सुरक्षा दी गई थी, जो उनके राजनीतिक कद और सार्वजनिक जीवन में सक्रियता को देखते हुए दी गई है. राहुल गांधी कई बार सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना कर चुके हैं. ज़ेड प्लस सुरक्षा देश के गिने-चुने प्रमुख नेताओं को मिलती है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) के जवान 24 घंटे सुरक्षा में तैनात रहते हैं. राहुल गांधी के दौरे के दौरान, उनके साथ सुरक्षाकर्मियों का एक पूरा दस्ता रहता है, जो उन्हें हर तरह के संभावित खतरों से बचाता है.

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NSG सुरक्षा क्या है और किसे मिलती है?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) भारत की एक खास सुरक्षा इकाई है, जिसे आतंकवाद से निपटने, किडनैपिंग जैसे संकटों को हल करने और गंभीर सुरक्षा खतरों से देश की रक्षा के लिए स्थापित किया गया है.  इसकी स्थापना 1984 में 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी. NSG को 'ब्लैक कैट कमांडो' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसके कमांडो काले रंग की वर्दी में नजर आते हैं.

ये गार्ड इंडियन आर्मी और पैरा मिलिट्री के सबसे बेहतरीन जवानों में से चुने गए गार्ड्स से मिलकर बनता है. NSG का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है. यह आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ वीवीआईपी सुरक्षा में भी मदद करता है.