पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल ड्रामा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. जब से TMC को चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, तब से ही पार्टी धीरे-धीरे बिखरने लगी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता एक-एक करके किनारा कर रहे हैं और ममता बनर्जी को झटके पर झटके दिए जा रहे है. पहले विधायकों का बागी, फिर 3 राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा और उसके बाद 20 लोकसभा सांसदों के बागी होने की वजह से सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है. लेकिन इसी बीच TMC के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि, अभिषेक बनर्जी को चुनो या मुझ जैसे वफादार को. कल्याण बनर्जी के इस बयान ने सियासी पारा हाई कर दिया है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
ADVERTISEMENT
अभिषेक की वजह से भड़के कल्याण बनर्जी
इंडिया टुडे से खास बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने साफ कहा है कि, मैं ममता बनर्जी के साथ हूं, लेकिन अब उन्हें चुनना होगा कि उन्हें किसकी जरूरत है. अभिषेक बनर्जी के फर्जी साइन वाले केस से खुद को अलग करते ही उन्होंने आगे कहा कि अभिषेक को नहीं पता है कि सीनियर को इज्जत कैसे देते है. अभिषेक ने ना कभी मुझपर भरोसा किया है और ना ही कभी आगे करेंगे. कल्याण ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि, अभिषेक की केस के लिए मैं काफी तैयारी कर रहा था लेकिन देर रात मुझे बताया गया कि वकील बदल गया है. यह बेहद ही अपमानजनक है. अब ममता बनर्जी ही डिसाइड करें कि उन्हें अभिषेक बनर्जी जैसे लोग चाहिए या मुझ जैसे वफादार लोग.
'अभिषेक की वजह से टूट रही पार्टी'
कल्याण बनर्जी ने बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी को घमंडी बताया और कड़े लफ्जों में कहा कि कौन है वो? अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी टूट रही है और नुकसान पहुंच रहा है. कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाए और कई बातें कही. उनके इस तेवर को देखते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं अपने चरम पर है. कल्याण बनर्जी के इस तेवर को TMC के ताबूत में आखिरी कील जैसे देखा जा रहा है.
धीरे-धीरे सब जा रहे ममता बनर्जी से दूर
कल्याण बनर्जी का यह रूप ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी और TMC दोनों को ही लगातार झटके लग रहे है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हारने के बाद से TMC में टूट शुरू हो गई थी और अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने लगी. आज के दिन ही ममता बनर्जी को दो झटके लग चुके है, जिसमें TMC से राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक का इस्तीफा और लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी का बागी गुट में शामिल होना है. इससे पहले ही ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा पर कार्रवाई करने की वजह से 58 विधायक बागी हो गए और फिर ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुन लिए गए.
ADVERTISEMENT


