EVM Survey: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर एक सर्वे कराया. इस सर्वे में लोगों से पूछा गया कि क्या उन्हें EVM पर भरोसा है. सर्वे के मुताबिक, 83% से ज्यादा लोग मानते हैं कि EVM पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद हैं. इन नतीजों के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है.
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'लोकसभा इलेक्शन 2024 - इवैल्यूएशन ऑफ इंडलाइन सर्वे ऑफ नॉलेज, एटीट्यूट एंड प्रैक्टिस ऑफ सिटिजन्स' नाम के इस सर्वे में 83.61 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें EVM पर भरोसा है. वहीं 69.39 प्रतिशत लोगों ने माना कि EVM सटीक चुनाव परिणाम देती है. करीब 14.22 प्रतिशत लोगों ने पूरी मजबूती के साथ EVM पर विश्वास जताया.
102 विधानसभा क्षेत्रों में कराया गया सर्वे
यह सर्वे कर्नाटक के चार बड़े प्रशासनिक डिवीजनों 'बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु' में किया गया. इसमें कुल 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 लोगों से राय ली गई. यह सर्वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार के माध्यम से कराया गया था.
डिवीजन-वार आंकड़ों पर नजर डालें तो कलबुर्गी में EVM को लेकर सबसे ज्यादा भरोसा दिखा. यहां 83.24 प्रतिशत लोगों ने सहमति जताई और 11.24 प्रतिशत ने पूरी सहमति के साथ EVM को विश्वसनीय बताया.
मैसूरु और बेलगावी में क्या बोले लोग
मैसूरु डिवीजन में 70.67 प्रतिशत लोगों ने EVM पर भरोसा जताया, जबकि 17.92 प्रतिशत ने मजबूत विश्वास व्यक्त किया. वहीं बेलगावी में 63.90 प्रतिशत लोगों ने EVM को भरोसेमंद माना और 21.43 प्रतिशत ने पूरी मजबूती से समर्थन किया.
राजधानी बेंगलुरु डिवीजन में 63.67 प्रतिशत लोगों ने EVM को विश्वसनीय बताया. यहां 9.28 प्रतिशत लोगों ने पूरी सहमति के साथ EVM पर भरोसा जताया.
राहुल गांधी के दावों से उलट नतीजे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर चुनाव परिणामों और ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं. अब खुद कांग्रेस शासित राज्य के सर्वे ने इन दावों के विपरीत नतीजे दिए हैं.
BJP बोली- ये कांग्रेस के मुंह पर तमाचा
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के अपने सर्वे ने ही यह साबित कर दिया है कि जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया और EVM पर भरोसा करती है. उन्होंने इसे राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया.
बैलेट पेपर को लेकर साधा निशाना
बीजेपी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उस घोषणा पर भी निशाना साधा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की बात कही गई थी. आर. अशोक ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस हारती है तो मशीन पर दोष मढ़ती है और जब जनता का मूड उनके खिलाफ होता है तो वे पुरानी और विवादित बैलेट पेपर प्रणाली की ओर लौटना चाहते हैं.
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