Shesh Bharat: रेवंत रेड्डी बने कांग्रेस के 'संकटमोचक', केरल मेनिफेस्टो में दिखा तेलंगाना का दम

केरल चुनाव 2026 में कांग्रेस ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी में रेवंत रेड्डी को आगे कर नई रणनीति अपनाई है. 5+1 गारंटी, महिलाओं के लिए योजनाएं और 25 लाख स्वास्थ्य बीमा जैसे वादों से पार्टी चुनावी मुकाबले को तेज करने की कोशिश कर रही है.

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रूपक प्रियदर्शी

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Kerala Election: देश में कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए केरल जितना बड़ा राज्य और कोई नहीं. सरकारें तो कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल में भी हैं लेकिन केरल ही वो राज्य है जिसमें कांग्रेस के सबसे खराब समय में गांधी परिवार और पार्टी का पूरा साथ दिया. 2019 के चुनाव में जब राहुल अमेठी से हारे तो वायनाड ने उन्हें संसद पहुंचाया. जब राहुल ने यूपी की राजनीति के लिए रायबरेली सीट चुनी तो वायनाड ने प्रियंका गांधी का पॉलिटिकल डेब्यू कराया. 2019 और 2014 के चुनावों में भी कांग्रेस ने जितनी बड़ी कामयाबी केरल से जीती उतने किसी और राज्य से नहीं. 

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रेवंत रेड्डी ने मेनिफेस्टो रिलीज किया

रेवंत रेड्डी तेलंगाना के सीएम हैं. कांग्रेस में अब बड़ी धाक है लेकिन सीधे केरल से नहीं जुड़े. कांग्रेस के हाईकमानों में भी नहीं. जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ताबड़तोड़ केरल के चुनावी दौरे कर रहे हैं तब भी यूडीएफ का मेनिफेस्टो रिलीज करने की बारी आई तो न राहुल गांधी आए, न प्रियंका गांधी. पार्टी ने ये जिम्मेदारी सौंपी रेवंत रेड्डी को. कांग्रेस के सबसे बड़े सीएम उम्मीदवार वीडी सतीशन के साथ रेवंत रेड्डी ने ही कांग्रेस के यूडीएफ अलायंस का मेनिफेस्टो रिलीज किया. 

ये सब एक्सीडेंटल हुआ या कोई लक फैक्टर था जिसके कारण रेवंत रेड्डी को इतना बड़ा रोल प्ले करने के लिए तेलंगाना से केरल बुलाया गया. जब केरल में रेवंत रेड्डी मेनिफेस्टो रिलीज कर रहे थे तब राहुल गांधी असम में थे. असम का मेनिफेस्टो रिलीज करने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहुंचे थे. सोनिया गांधी की तबियत खराब होने के कारण राहुल नहीं पहुंच पाए थे. 

एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के मेनिफेस्टो रिलीज शो में रेवंत रेड्डी का चेहरा बनना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था. राहुल की गैरमौजूदगी में रेवंत रेड्डी ने न सिर्फ कमान संभाली, बल्कि केरल की धरती पर तेलंगाना मॉडल का ऐसा जादू चलाया कि विरोधी भी देखते रह गए. कांग्रेस को तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल में मेनिफेस्टो से कहीं ज्यादा इस कैंपेन का फायदा मिला कि वो चुनावी वादे ही नहीं, गारंटी के साथ वादे कर रहे हैं. 2-2 साल के शासन में कांग्रेस सरकारों ने गारंटी वाले वादे पूरे भी कर दिखाए.

केरल में लागू होगा तेलंगाना मॉडल?

एर्नाकुलम में ये सिर्फ एक मेनिफेस्टो रिलीज नहीं था. ये कांग्रेस की बदली हुई रणनीति थी. राहुल गांधी की इमोशनल अनुपस्थिति को रेवंत रेड्डी ने एक 'एक्शन-पैक' परफॉर्मेंस में बदल दिया. उन्होंने मंच से ललकारते हुए कहा कि जो तेलंगाना में मुमकिन है, वो केरल में भी होगा. राहुल गांधी की गैरमौजूदगी में पार्टी ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. रेवंत रेड्डी को तेलंगाना में कांग्रेस की जीत और वहां लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं के सफल मॉडल के कारण केरल में 'विकास के चेहरे' के रूप में पेश किया गया.

5+1 गारंटी का पिटारा

केरल की राजनीति में 5+1 गारंटी का वो 'पिटारा' खुल गया है जिसने विरोधियों की नींद उड़ा दी है. रेवंत रेड्डी ने यूडीएफ का जो घोषणापत्र जारी किया, वो सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि वादों का वो 'एटम बम' है जिसने पिनाराई विजयन और बीजेपी कैंप में खलबली मचा दी है. आखिर क्या है उन 5 'इंदिरा गारंटियों' में जिसने केरल की सियासत में आग लगा दी है?

ओमान चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना का यूनिक कैंपेन 

सोशल मीडिया पर बहुत वायरल है राहुल गांधी की यमराज से मुलाकात. ओमान चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना के कैंपेन के लिए कांग्रेस ने यूनिक क्रिएटिव बनाया. बस में राहुल से यमराज की मुलाकात होती है और यमराज ने राहुल गांधी से शिकायत की कि 25 लाख की ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने के बाद उनकी 'नौकरी' खतरे में पड़ जाएगी, क्योंकि लोग अब बीमारी से नहीं मरेंगे.

घोषणापत्र 'पांच इंदिरा गारंटी के इर्द-गिर्द

केरल में यूडीएफ (UDF) का 2026 का घोषणापत्र सीधे तौर पर 'तेलंगाना मॉडल' की कार्बन कॉपी नजर आता है. कांग्रेस ने तेलंगाना में जीत दिलाने वाली अपनी '6 गारंटियों' को केरल की स्थानीय जरूरतों के अनुसार ढालकर पेश किया है. तेलंगाना मॉडल का हवाला देते हुए सतीशन ने कहा कि जिस तरह रेवंत रेड्डी ने 100 दिनों के भीतर अपने वादे पूरे किए, उसी तरह UDF भी अपने वादों को लागू करेगा. वीडी सतीशन ने कहा कि घोषणापत्र तिरुवनंतपुरम में यूडीएफ की पुथु युग यात्रा के समापन चरण के दौरान राहुल गांधी द्वारा घोषित पांच प्रमुख गारंटियों पर आधारित है, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को 'पांच इंदिरा गारंटी' के इर्द-गिर्द बुना है, जो राहुल गांधी की न्याय यात्रा और पुरानी कांग्रेस की छवि को जोड़ता है.

वायनाड के लिए कांग्रेस ने खेला इमोशनल कार्ड

कांग्रेस ने केरल की आधी आबादी यानी महिलाओं को साधने के लिए बड़ा दांव खेला है. कर्नाटक और तेलंगाना की तर्ज पर अब केरल में भी 'इंदिरा गारंटी' के तहत महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त सफर का वादा किया गया है. इतना ही नहीं, कॉलेज जाने वाली हर छात्रा के खाते में हर महीने 1,000 रुपये डालने की योजना है. केरल में 'पेंशन' हमेशा से बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है. जहा सत्ताधारी LDF अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं UDF ने सामाजिक कल्याण पेंशन को बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपये करने का वादा कर दिया है. लेकिन सबसे बड़ा 'गेमचेंजर' है 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा. राजस्थान के पुराने 'चिरंजीवी मॉडल' की झलक यहां साफ दिख रही है, जिसका मकसद गरीब और मध्यम वर्ग के बड़े हिस्से को अपने पाले में लाना है. राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड के लिए कांग्रेस ने इमोशनल कार्ड खेला है. घोषणापत्र में वायनाड में एक विशेष जनजातीय विश्वविद्यालय (Tribal University) बनाने का वादा है. साथ ही, केरल के शिक्षित युवाओं के विदेश पलायन को रोकने के लिए छोटे उद्योगों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज देने की बात कही गई है.

कांग्रेस इस बार केवल वादे नहीं कर रही, बल्कि 'डिलीवरी' का भरोसा दे रही है. तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की मौजूदगी यह साफ करती है कि कांग्रेस केरल में अपनी पड़ोसी राज्यों वाली सफलता दोहराना चाहती है.

तेलंगाना में इन गारंटियों ने के. चंद्रशेखर राव की 10 साल की सत्ता को उखाड़ फेंका था. केरल में भी कांग्रेस यही संदेश दे रही है कि यदि वे तेलंगाना में सरकार बनने के कुछ ही महीनों के भीतर 'गारंटियां' (जैसे मुफ्त बस यात्रा और गैस सिलेंडर सब्सिडी) लागू कर सकते हैं, तो केरल में भी यह संभव है. जहां तेलंगाना का मॉडल 'नकद हस्तांतरण' पर केंद्रित था, वहीं केरल का यूडीएफ मेनिफेस्टो 'सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य' पर अधिक भारी है, ताकि एलडीएफ (LDF) के 'केरल मॉडल' को कड़ी चुनौती दी जा सके.

विजयन ने मेनिफेस्टो की कॉपी करने का आरोप लगाया तो रेवंत रेड्डी ने विजयन को केसीआर की कॉपी करार दिया. कहा कि जैसे केसीआर का परिवार हाइएस्ट इन करप्शन LOW IN governance था वही हाल विजयन का भी है. 

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