केरल की राजनीति में 'मैंगो डिप्लोमेसी' की एंट्री, मोहनलाल और सीएम विजयन के इंटरव्यू पर मचा घमासान

Shesh Bharat: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का सुपरस्टार मोहनलाल द्वारा लिया गया इंटरव्यू चर्चा में है. विपक्ष इसे पीएम मोदी के 'मैंगो इंटरव्यू' की नकल और छवि सुधारने का 'पेड पीआर' बता रहा है.

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रूपक प्रियदर्शी

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Shesh Bharat: केरल की राजनीति में चुनाव से पहले एक इंटरव्यू ने हलचल मचा दी है. मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का खास इंटरव्यू लिया. यह बातचीत सीएम के सरकारी आवास क्लिफ हाउस में हुई. जैसे ही इसका टीज़र सामने आया, सोशल मीडिया पर इसे ‘केरल का मैंगो इंटरव्यू’ कहा जाने लगा.

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दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ एक आम है. कुछ समय पहले सीएम विजयन ने अपने सरकारी आवास के बगीचे से तोड़कर खास आम मोहनलाल को भिजवाए थे. इंटरव्यू के दौरान मोहनलाल ने उन्हीं आमों की मिठास का जिक्र किया. बस, यहीं से सियासी तंज शुरू हो गए.

2019 के 'मैंगो इंटरव्यू' की याद

लोगों को 2019 का वह चर्चित इंटरव्यू याद आ गया, जब अभिनेता अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आम खाने के तरीके पर सवाल किया था. उस समय विपक्ष ने इसे हल्का इंटरव्यू बताया था. अब केरल में भी वैसी ही बहस छिड़ गई है कि क्या यह इंटरव्यू चुनाव से पहले इमेज बिल्डिंग की कोशिश है?

इंटरव्यू में क्या हुआ?

मोहनलाल ने मुख्यमंत्री से उनके मुस्कुराने के पल, पसंदीदा फिल्मी डायलॉग और पुरानी एक्शन फिल्मों को लेकर सवाल किए. राजनीतिक जवाबदेही, भ्रष्टाचार या प्रशासनिक मुद्दों पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई. विपक्ष का कहना है कि यह गंभीर पत्रकारिता नहीं, बल्कि एक सॉफ्ट इंटरैक्शन था.

विपक्ष का हमला

विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने आरोप लगाया कि जब राज्य कई मुद्दों से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री से हल्के सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने इसे सरकारी संसाधनों पर किया गया 'पेड पीआर' बताया.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने भी निशाना साधा. उनका कहना है कि वाम दल जिस तरह के इंटरव्यू का पहले मजाक उड़ाते थे, अब खुद उसी रास्ते पर चल रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई.

मोहनलाल और विजयन की पुरानी केमिस्ट्री

मोहनलाल और पिनाराई विजयन के संबंध नए नहीं हैं. बाढ़ राहत और कोविड-19 संकट के दौरान मोहनलाल ने सरकार की अपील पर खुलकर सहयोग दिया. 2018 की केरल बाढ़ में वे राहत शिविरों में भी पहुंचे थे. विजयन अक्सर उन्हें केरल का सांस्कृतिक दूत बताते हैं.

मोहनलाल को कभी राइट विंग के करीब माना गया, तो कभी न्यूट्रल ऑब्जर्वर. उन्होंने किसी पार्टी की सदस्यता नहीं ली. 2018 में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उनके राजनीति में आने की चर्चा भी हुई थी, लेकिन उन्होंने दूरी बनाए रखी.

चुनाव और सिनेमा का संगम

इंटरव्यू ऐसे समय आया है जब केरल में चुनावी माहौल बन रहा है. इसी बीच 2 अप्रैल को मोहनलाल की फिल्म 'दृश्यम 3' रिलीज होने जा रही है. खबर है कि इसमें लंबे समय बाद ममूटी भी साथ नजर आ सकते हैं. साथ ही 'जेलर 2' में उनका कैमियो रोल भी चर्चा में है.

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