कब होगा केंद्र सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार? राजदीप सरदेसाई से जानिए अंदरखाने की पूरी बात

न्यूज तक डेस्क

• 07:41 PM • 18 Sep 2026

Modi Cabinet Reshuffle 2026: केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर पिछले कई हफ्तों से चर्चाएं जारी हैं. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने 'साप्ताहिक सभा' कार्यक्रम में कैबिनेट विस्तार में देरी के संभावित कारणों पर चर्चा की. जानिए राजदीप सरदेसाई के मुताबिक कैबिनेट विस्तार को लेकर क्या अपडेट है और परिसीमन बिल को लेकर आगे क्या संभावनाएं बताई जा रही हैं.

Modi Cabinet Reshuffle 2026
Modi Cabinet Reshuffle 2026
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देशभर में पिछले 1-2 महीनों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेर-बदल की चर्चाएं तेज है. कई बार ऐसी संभावना भी बनती दिखी कि अब मंत्रिमंडल विस्तार होगा, लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. इसी बीच न्यूज तक के खास कार्यक्रम 'साप्ताहिक सभा' में इंडिया टुडे ग्रुप के तक चैनल्स के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के बीच चर्चा हुई. इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजदीप सरदेसाई ने कई बड़े खुलासे किए हैं.

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उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़-दो महीने से कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं. पहले मानसून सत्र से पहले और फिर मानसून सत्र के दौरान इसे टाला गया था. यह उम्मीद जताई जा रही थी कि पहले बीजेपी अपने संगठन में बदलाव करेगी और उसके बाद सरकार में फेरबदल होगा. संगठन में बदलाव हुए दो-तीन हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी कैबिनेट रिशफल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. अब खबरें आ रही हैं कि यह मामला अक्टूबर तक के लिए टल गया है.

विभिन्न घटक दलों और मंत्रियों के समीकरण

राजदीप सरदेसाई ने इस देरी के पीछे की मुख्य वजहों पर बात करते हुए बताया कि इसके पीछे कई राजनीतिक और अंदरूनी कारण हैं. सहयोगियों को किस तरह से समायोजित किया जाए, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए एक ब्रेक-अवे ग्रुप को कैसे जगह मिले, और शिवसेना (शिंदे गुट) के कई दावेदार मंत्रियों के पदों की दौड़ में शामिल हैं.

इसके अलावा, कुछ मौजूदा मंत्री अपने मंत्रालयों से नाखुश हैं, प्रधानमंत्री स्वयं कुछ मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं और इसमें आरएसएस का एंगल भी जुड़ा हुआ है. इन सभी वजहों से सरकार के भीतर एक तरह की टग-ऑफ-वार (खींचतान) चल रही है, जो यह दर्शाती है कि बाहर से भले ही सब ठीक लगे लेकिन अंदर कुछ पेच फंसे हुए हैं.

डीलिमिटेशन बिल और राजनीतिक दलों का रुख

साप्ताहिक सभा में महिला आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाने वाले डीलिमिटेशन (परिसीमन) बिल पर भी चर्चा की गई. सरकार के एक प्रमुख मंत्री ने इस पर स्पष्ट किया है कि डीलिमिटेशन अभी भी उनके एजेंडा पर पूरी तरह से शामिल है. हालांकि, सवाल यह है कि यह बिल कब आएगा? राजदीप सरदेसाई का मानना है कि अगर यह बिल आना है तो अगले चार हफ्तों में यानी दशहरा के पहले ही आ सकता है, अन्यथा यह शीतकालीन सत्र तक टल सकता है.

इस बिल को लेकर डीएमके (DMK) के समर्थन पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि डीएमके के नेताओं का कहना है कि उन्होंने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही पूरा बिल देखा है. जब तक सरकार डीएमके को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर लेती, तब तक इस बिल का आगे बढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है.

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