राहुल पर निशाना, मोदी की तारीफ…क्या बीजेपी में वापसी की राह पर सिद्धू दंपति? अटकलों का बाजार गर्म

Navjot Kaur Sidhu News: कांग्रेस से निष्कासन और इस्तीफे के बाद नवजोत कौर सिद्धू के तीखे तेवरों ने पंजाब की राजनीति में तूफान ला दिया है. राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी और बीजेपी की तारीफ के बाद अब अटकलें तेज हैं कि क्या सिद्धू परिवार दोबारा अपनी पुरानी पार्टी बीजेपी में वापसी करेगा. हालांकि अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

Navjot Kaur Sidhu News
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राजू झा

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Navjot Kaur Sidhu Resignation: पंजाब की सियासत में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिद्धू दंपति एक बार फिर घर वापसी की तैयारी में है? दरअसल, कांग्रेस से सस्पेंशन और इस्तीफे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच नवजोत कौर सिद्धू का लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला और पीएम मोदी की अचानक तारीफ करना बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है. कभी कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे पर 500 करोड़ के सूटकेस का आरोप लगाने वाली नवजोत कौर के तेवर बता रहे हैं कि सिद्धू परिवार का हाथ अब कांग्रेस के साथ सुरक्षित नहीं है। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से उनके बीजेपी में जाने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. हालांकि, फिलहाल सिद्धू दंपती ने बीजेपी में वापसी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. 

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, करीब दो महीने पहले अमृतसर पूर्व की पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू को दिसंबर में कांग्रेस से सस्पेंड किया गया था. इसके बाद उन्होंने 31 जनवरी को पार्टी छोड़ दी. हालांकि शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव भूपेश बघेल ने घोषणा करते हुए कहा कि नवजोत कौर को पार्टी से निकाल दिया गया है. हालांकि, उनके पति और क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी कांग्रेस में हैं. नवजोत कौर सिद्धू ने भूपेश बघेल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी को 'पप्पू' कहा.

नवजोत कौर ने लगाया था आरोप

नवजोत कौर ने दिसंबर में राजनीतिक हंगामा खड़ा कर दिया था जब उन्होंने आरोप लगाया था कि जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है वह कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा बन जाता है. उन्होंने कहा था कि उनके पति तभी सक्रिय राजनीति में लौटेंगे जब उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा. नवजोत कौर सिद्धू ने उस समय कहा था, ''कांग्रेस में इतनी अंदरूनी कलह है, मुझे नहीं लगता कि वे नवजोत सिद्धू को आगे बढ़ने देंगे क्योंकि पहले से ही पांच मुख्यमंत्री चेहरे हैं, और वे कांग्रेस को हराने पर तुले हुए हैं. अगर वे (हाई कमान) यह समझते हैं, तो यह अलग बात है.''

क्या बीजेपी में लौटेगा सिद्धू परिवार?

सिद्धू दंपति पिछले कुछ महीनों से मौजूदा पंजाब कांग्रेस नेतृत्व, खासकर प्रदेश पार्टी प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की खुले तौर पर आलोचना कर रहे हैं. जनवरी में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में नवजोत कौर ने अमरिंदर सिंह वारिंग पर कथित भ्रष्टाचार और अंदरूनी साजिश का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. इससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिद्धू दंपति बीजेपी में लौट सकते हैं. सिद्धू दंपति ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बीजेपी से की थी. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब सिद्धू दंपति पार्टी के अंदरूनी संघर्ष में फंसे हैं.

जानिए नवजोत कौर का राजनीतिक सफर

नवजोत कौर राजनीति में आने से पहले एक डॉक्टर थीं. उन्होंने सालों तक पंजाब के हेल्थ डिपार्टमेंट (राजेंद्र हॉस्‍प‍िटल, पट‍ियाला) में काम क‍िया है, लेकिन वक्त के साथ उन्होंने लोगों के बीच काम करने और बदलाव लाने की इच्छा से जनवरी 2012 में सरकारी नौकरी छोड़ दी और राजनीति में कदम रखा. 2012 में उन्होंने अमृतसर ईस्ट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर BJP की ओर से पंजाब की विधायक बनीं. यही से उनके राजनीतिक करियर की असली शुरुआत हुई.

2012 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले नवजोत कौर बीजेपी में शामिल हुई थीं और अपने पहले ही चुनाव में अमृतसर पूर्व सीट जीती थी. राजनीतिक रूप से नई होने के बावजूद उन्हें शिरोमणि अकाली दल (SAD)-बीजेपी सरकार में मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया गया था. तब तक उनके पति अमृतसर से बीजेपी कैंडिडेट के तौर पर तीन लोकसभा चुनाव जीत चुके थे.

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