राजनीति में नेताओं का एक-दूसरे पर तंज कसना कोई नई बात नहीं है. लेकिन इस बार मामला गले लगाने से शुरू हुआ और इंदिरा गांधी के पुराने वीडियो तक पहुंच गया. दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तंज कसते हुए मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया. इसके बाद बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुराने फोटो और राहुल गांधी की खुद की एक तस्वीर शेयर कर दी.
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पहले समझिए राहुल गांधी ने क्या कहा?
गुरुवार को दिल्ली के मावलंकर हॉल में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ. राहुल गांधी भी इसमें शामिल हुए. कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए.
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन में कहीं न कहीं यह बात बैठ गई है कि विदेश नीति का मतलब दूसरे देशों के नेताओं को गले लगाना है.
इतना कहने के बाद राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित को गले लगा लिया. इसके जरिए उन्होंने समझाने की कोशिश की कि उनके हिसाब से मौजूदा सरकार विदेश नीति को किस तरह देखती है.
इसके बाद संदीप दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि 'मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगाया था?' इस पर राहुल गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया. कार्यक्रम में मौजूद लोग हंसने लगे.
बीजेपी ने इंदिरा गांधी का फोटो निकाल लिया
राहुल गांधी के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार शुरू कर दिया. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक पुराना फोटो शेयर किया.
इस फोटो में क्यूबा के तत्कालीन राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो इंदिरा गांधी को गले लगाते दिखाई दे रहे हैं. निशिकांत दुबे ने इसी फोटो को राहुल गांधी के बयान से जोड़ते हुए उन पर निशाना साधा.
उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि अगर प्रधानमंत्री का किसी विदेशी नेता को गले लगाना विदेश नीति नहीं है, तो इंदिरा गांधी के इस तरह गले मिलने को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए?
निशिकांत दुबे ने इसके साथ राहुल गांधी की 2018 की वह तस्वीर भी शेयर की, जिसमें राहुल गांधी संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाते दिखाई दिए थे. उन्होंने इसी तस्वीर को लेकर भी राहुल गांधी पर तंज कसा.
बीजेपी के कई नेताओं ने राहुल गांधी को घेरा
मामला सिर्फ निशिकांत दुबे तक नहीं रुका. बीजेपी के कई नेताओं ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी.
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी बात तर्क के साथ साबित नहीं कर पाते, वे अभद्र व्यवहार और भाषा का सहारा लेते हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री और किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है. उनके मुताबिक विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर सार्वजनिक मंच पर गरिमा बनाए रखना जरूरी है.
बांसुरी स्वराज ने राहुल को बताया 'फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन'
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के मुताबिक नहीं है.
बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर हल्की और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से ज्यादा एक असफल स्टैंड-अप कॉमेडियन जैसे लग रहे थे.
हिमंत बिस्व सरमा ने भी साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने शालीनता की सीमाएं पार कर दी हैं.
हिमंत ने आरोप लगाया कि एक मित्र देश की महिला राष्ट्राध्यक्ष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और वहां मौजूद लोग उस पर हंसते रहे. उन्होंने इसे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि भारत के विदेश संबंधों के लिए भी नुकसानदायक बताया.
प्रह्लाद जोशी बोले- राहुल गांधी में हताशा दिख रही है
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी के बयान पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों में हताशा और निराशा साफ दिखाई देती है.
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ भी आलोचना करते समय भाषा की एक मर्यादा होनी चाहिए. उनके मुताबिक पहले भी अलग-अलग दलों के नेता एक-दूसरे की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन बुनियादी शिष्टाचार कायम रहता था.
VIDEO: राहुल गांधी ने मंच पर की PM मोदी की मिमिक्री, बोले- 'गले मिलने से नहीं चलती विदेश नीति'
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