राजस्थान में 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के तहत 162 नगरीय निकायों के लिए पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है. राज्य के 39 जिलों में छिटपुट झड़पों और हल्की नोकझोंक के बीच जनता ने लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया. चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान का कुल प्रतिशत 72% से अधिक रहा, जो 74% तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, उच्च मतदान प्रतिशत ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
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शेखावाटी में दिलचस्प हुआ मुकाबला, डोटासरा के गढ़ में टक्कर
शेखावाटी अंचल में वोटिंग के आंकड़ों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। झुंझुनूं के खेतड़ी में सबसे ज्यादा 83.53% मतदान दर्ज किया गया, जबकि सुल्ताना और उदयपुरवाटी में भी 80% से अधिक वोट पड़े. दूसरी ओर, सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ और फतेहपुर जैसे कांग्रेस के मजबूत गढ़ों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के प्रभाव वाले लक्ष्मणगढ़ में 74.07% वोटिंग दर्ज की गई. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की मौजूदगी और निर्दलीय उम्मीदवारों के कड़े रुख के कारण डोटासरा को अपने ही इलाके में देर रात तक प्रचार में जुटना पड़ा.
निर्दलीयों की भरमार, कांग्रेस-बीजेपी के लिए आत्ममंथन की स्थिति
इस बार निकाय चुनाव में सबसे बड़ा फेरबदल निर्दलीय (Independents) और छोटे राजनीतिक दल कर सकते हैं. डीडवाना जैसी सीटों पर पूर्व मंत्री यूनुस खान निर्दलीय के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जिससे मुख्य दलों के समीकरण बिगड़ते दिख रहे हैं. यदि निर्दलीय प्रत्याशी उम्मीद से ज्यादा सीटें जीतते हैं, तो यह कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए बड़ी चुनौती होगी.
सीएम भजनलाल शर्मा का ताबड़तोड़ रोड शो और हिंदुत्व कार्ड
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में जयपुर के परकोटा क्षेत्र में बड़ा रोड शो किया. इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा देने के साथ-साथ 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ लाए गए सख्त कानूनों का जिक्र किया.
सत्ता में आने के बाद भजनलाल सरकार के लिए यह पहला बड़ा जमीनी इम्तिहान माना जा रहा है. बीजेपी को अपने कई बागियों और अंदरूनी खींचतान से जूझना पड़ रहा है, वहीं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र में बाइक पर उतरकर सघन प्रचार किया.
आगे क्या?
20,000 से अधिक प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला अब EVM में बंद हो चुका है. अगले चरण में 147 निकायों के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि पहले चरण के इस कड़े मुकाबले के नतीजे 14 सितंबर को सामने आएंगे. ट
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