राहुल गांधी के राजाओं वाले बयान पर सिंधिया का पलटवार, बोले- राहुल भूल गए हैं इतिहास, मचा बवाल

रूपक प्रियदर्शी

28 Jan 2025 (अपडेटेड: Jan 28 2025 9:05 PM)

राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के महू की रैली में आजादी से पहले राजाओं-महाराजों और दलितों के अधिकार को लेकर एक बयान दिया। जिस बयान के बाद कांग्रेस छोड़ बीजेपी में के साथ आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार किया। सिंधिया ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कुछ राजपरिवारों का इतिहास गिनाया.

संसद में राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात हुई (फोटो- पीटीआई)
संसद में राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात हुई (फोटो- पीटीआई)
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राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के महू की रैली में आजादी से पहले राजाओं-महाराजों और दलितों के अधिकार को लेकर एक बयान दिया. जिस बयान के बाद कांग्रेस छोड़ बीजेपी में के साथ आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार किया. सिंधिया ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कुछ राजपरिवारों का इतिहास गिनाया. जबकि तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के पीएम मोदी पर दिए गए बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया है. 

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सिंधिया ने एक्स पर लिखा-

संविधान को अपनी 'पॉकेट डायरी' समझने वाले नेता राहुल गांधी द्वारा आजादी से पूर्व भारत के राजपरिवारों की भूमिका को लेकर दिया गया बयान उनकी संकीर्ण सोच व समझ को उजागर करता है. सत्ता और कुर्सी की भूख में वह भूल गए हैं की इन राजपरिवारों ने वर्षों पहले भारत में समानता और समावेशी विकास की नींव रखी थी. 

ये भूल गये हैं कि: 

- बड़ौदा महाराज सयाजीराव गायकवाड़ ने हमारे संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी.
- छत्रपति साहूजी महाराज ने 1902 में पहली बार देश के बहुजनों को अपनी शासन व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की बुनियाद रखी थी.
- पिछड़े वर्गों को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्वालियर के माधव महाराज प्रथम ने पूरे ग्वालियर- चंबल में शिक्षा और रोजगार के केंद्र खुलवाये थे. 

राहुल गांधी पर हमला करते हुए सिंधिया ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- वह तानाशाही विचारधारा को जन्म देने वाली कांग्रेस थी जिन्होंने दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर कुठाराघात करने का काम किया। राहुल गांधी, पहले इतिहास पढ़ें, फिर बयानबाजी करें.

ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार से आते हैं ज्योतिरादित्य 

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के प्रसिद्ध सिंधिया राजपरिवार से आते हैं जो मराठा राजपरिवार था. जब कांग्रेस में सिंधिया थे तो राहुल गांधी और कांग्रेस के खास माने जाते थे. बाद में कांग्रेस छोड़कर सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गए. 
राहुल गांधी ने महू की रैली में कहा था कि- आजादी से पूर्व भारत में जब राजपरिवारों का शासन था, तब अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग को अधिकार नहीं थे, स्वतंत्रता के बाद ही अधिकार मिले थे.

संविधान यात्रा महू पहुंची, जहां राहुल ने की मेगा रैली

राहुल गांधी, कांग्रेस की जय बापू, जय भीम, जय संविधान यात्रा की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू से किए। कार्यक्रम में कांग्रेस शासित राज्य के 4 मुख्यमंत्री, 8 मंत्री, 15 सांसद, 150 से ज्यादा विधायक, वर्किंग कमेटी के 25 सदस्य, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। महू से राहुल गांधी ने बीजेपी पर एक-एक करके हमला बोला- और एक बार फिर लोकसभा चुनाव से पहले संविधान खत्म वाला मुद्दा उठाया। कहा- संविधान खत्म हुआ को कुछ नहीं बचेगा.

पिछले दिनों हुई राहुल और सिंधिया की मुलाकात की जमकर हुई थी चर्चा

बीते दिनों संविधान दिवस के अवसर पर सिंधिया का हाथ थामकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी चलते दिखे थे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे देखते रह गए थे। मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़ने के बाद राहुल गांधी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहली ऐसी मुलाकात की थी। मुलाकात ऐसे वक्त में हुई थी, जब कथित रूप से मध्य प्रदेश में उनकी नाराजगी की खबरें चल रही थी। इस मुलाकात को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कभी कोई बात नहीं की थी लेकिन पहली बार इस तस्वीर को लेकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने एक इंटरव्यू में बात की है.

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