शहजाद पूनावाल ने दोबारा दिया बीजेपी से इस्तीफा, खुद बताए वो 2 बड़े कारण

न्यूज तक डेस्क

• 12:39 PM • 17 Aug 2026

Shehzad Poonawalla Resigns BJP: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 17 अगस्त को एक बार फिर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र भेजकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से मुक्त करने की मांग की. जानें 30 जुलाई के बाद दोबारा इस्तीफा देने की पूरी कहानी और क्या कहा शहजाद पूनावाला ने.

Shehzad Poonawalla Resigns BJP
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भारतीय जनता पार्टी के चित-परिचित नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दोबारा पार्टी छोड़ने के फैसले को लेकर एक लेटर लिखा है. सोमवार यानी 17 अगस्त को उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा भेजकर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और भाजपा की सदस्यता से मुक्त करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने अपने इस्तीफे के लेटर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है. शहजाद पूनावाला के दोबारा इस्तीफा देते ही राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.

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30 जुलाई को पहले दिया था इस्तीफा, लेकिन स्वीकार नहीं हुआ

आपको बता दें कि आज के इस्तीफे से पहले शहजाद पूनावाला ने 30 जुलाई को पार्टी के सामने इस्तीफे की पेशकेश की थी. फिर 31 जुलाई की सुबह उन्होंने अपने X के बायो से 'बीजेपी नेशनल स्पोक्सपर्सन' का टैग भी हटा दिया था और खुद को पीएम मोदी का 'लाइफलांग फॉलोअर' बताया था. शहजाद पूनावाला ने आज पार्टी को भेजे इस्तीफे में साफ लिखा कि, 'यह मेरे लिए अत्यंत भावुक करने वाला था कि पार्टी ने मेरे त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इंन्कार कर दिया और मुझसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया. लेकिन दीर्घ विचार-विमर्श और गंभीर मनन के बाद, मैंने अंतिम निर्णय लिया है कि मैं राष्ट्रीय प्रवक्ता के अपने पद और भाजपा की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का निर्णय लेना चाहता हूं.'

इस्तीफे के पीछे के 2 कारण

शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पीछे के पीछे मुख्य तौर आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला दिया है. उन्होंने इस्तीफे में यह भी लिखा है कि, जैसा कि मैंने पहले कहा था, अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण, मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश करूंगा, लेकिन जहां भी संभव होगा और चाहे जिस भी स्वरूप में संभव हो, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के दृष्टिकोण और कार्यों का समर्थन करता रहूंगा. साथ ही शहजाद पूनावाला ने लिखा कि, 'पिछले कुछ दिनों की घटनाओं, जिन व्यक्तियों के बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, ने मुझे अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए बाध्य किया है.'

'मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु...'

हालांकि शहजाद पूनावाला ने अपने पत्र में एक बात साफ कर किया है कि वो पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष जी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जो मंच और अवसर दिया उसके लिए भी धन्यवाद किया है.

कौन हैं शहजाद पूनावाला?

शहजाद पूनावाला राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम है. शहजाद भी उन्हीं नेताओं में से गिने जाते है, जिन्होंने कांग्रेस से जुड़कर ही राजनीति की शुरुआत की थी. लेकिन साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया था, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इसके तुरंत बाद ही नरेंद्र मोदी ने गुजरात की एक जनसभा में शहजाद कि हिम्मत की खुलकर तारीफ की, जिसके बाद वो भाजपाई बन गए.(यहां पढ़ें पूरी खबर)

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