'UPI पर लगने वाले चार्ज से भारत को नुकसान, अमेरिका को मुनाफा!', UPI के नए नियम पर राहुल गांधी का बड़ा दावा

न्यूज तक डेस्क

16 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 16 2026 3:51 PM)

सरकार द्वारा 2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% मर्चेंट शुल्क लगाने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है. राहुल गांधी और संजय सिंह ने इसे आम जनता पर बोझ और महंगाई बढ़ाने वाला कदम बताते हुए आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की है.

राहुल गांधी
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डिजिटल इंडिया की सबसे बड़ी पहचान माने जाने वाले UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर शुल्क लगाने के सरकारी फैसले ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है. सरकार के इस कदम के खिलाफ विपक्ष पूरी तरह से हमलावर हो चुका है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस फैसले को जनता और अर्थव्यवस्था के हित के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है.

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राहुल गांधी बोले, हर भारतीय पर थोपा गया टैक्स

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि UPI भुगतानों पर टैक्स लगाने का सीधा मतलब हर एक भारतीय नागरिक की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालना है. राहुल गांधी का दावा है कि इस फैसले से भारत का पैसा बाहर जाएगा और अमेरिका जैसी विदेशी कंपनियों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचेगा. उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस फैसले को बिना किसी देरी के रद्द किया जाए.

बढ़ेगी महंगाई, कैश की ओर लौटेंगे लोग

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापारी अपनी जेब से शुल्क का भुगतान कभी नहीं करेंगे. वे इस अतिरिक्त लागत की भरपाई सामान की कीमतें बढ़ाकर करेंगे, जिससे अंततः आम उपभोक्ता ही पिसेगा. संजय सिंह के मुताबिक, इस कदम से न केवल महंगाई बढ़ेगी, बल्कि छोटे व्यापारियों का डिजिटल कारोबार भी प्रभावित होगा और लोग एक बार फिर डिजिटल पेमेंट छोड़कर नकद (कैश) लेनदेन की तरफ लौटने पर मजबूर होंगे.

क्या है सरकार का नया आदेश?

सरकार की ओर से जारी हालिया आदेश के अनुसार, UPI के नए नियम और शुल्क इस प्रकार तय किए गए हैं:

  • 2,000 से ऊपर के भुगतान पर: 0.4% का शुल्क (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू होगा.
  • अधिकतम सीमा: प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम शुल्क 300 रुपये तक ही हो सकता है.
  • किस पर लगेगा चार्ज: यह शुल्क आम ग्राहकों से नहीं, बल्कि व्यवसायियों (मर्चेंट्स) से लिया जाएगा.
  • 2,000 तक पूरी तरह फ्री: 2,000 रुपये तक के किसी भी UPI लेनदेन पर ग्राहक या व्यापारी किसी से भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

डिजिटल इंडिया के बड़े आधार पर असर

जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में UPI उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 55.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है. इतनी बड़ी आबादी के रोजमर्रा के लेनदेन से जुड़ा मुद्दा होने के कारण, इस नए फैसले ने देश भर के छोटे कारोबारियों और आम लोगों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है.

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