पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. राज्य में मचे इस सियासी घमासान के बीच चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के बीच यह पहली बैठक है. यह मुलाकात पूर्व मुख्यमंत्री/मंत्री भूपेश बघेल के निवास स्थान पर हो रही है. कांग्रेस में यह विवाद इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि चन्नी गुट राजा वड़िंग को दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने से नाखुश है.
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बैठक में हिस्सा लेने से ठीक पहले जब पत्रकारों ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से सवाल किया तो उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज़ में सिर्फ इतना कहा- तेल देखेंगे तेल की धार देखंगे. उनके इस बयान से साफ है कि पंजाब कांग्रेस में आने वाले दिनों में कोई बड़ा सियासी उलटफेर हो सकता है.
पूर्व कांग्रेस विधायक इंदरबीर सिंह बोलारिया ने क्या कहा
बैठक में शामिल होने पहुंचे पूर्व कांग्रेस विधायक इंदरबीर सिंह बोलारिया ने कहा, "हम यहां बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने आए हैं और उम्मीद है कि कोई न कोई सॉल्यूशन जरूर निकलेगा, लेकिन हमारा स्टैंड आज भी वही है और हम प्रभारी भूपेश बघेल के सामने अपनी भावनाएं स्पष्ट रूप से रखने आए हैं." जब उनसे पूछा गया कि राजा वड़िंग को इस बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा, "हम यहां गतिरोध को तोड़ने और समाधान निकालने के लिए इकट्ठा हुए हैं. संगठन में हर किसी को प्रभारी के सामने अपनी बात और भावनाएं रखने का पूरा हक है. पार्टी में कोई बड़ी लड़ाई नहीं है, हमारा मुख्य उद्देश्य एकजुट होकर साल 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ना और जीतना है."
अबोहर मेयर चुनाव पर बरसे जाखड़
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्यपाल से मुलाकात की और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला. जाखड़ ने आरोप लगाया कि अबोहर में बीजेपी ने चुनाव जीता था लेकिन आम आदमी पार्टी ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके जबरन अपना मेयर बनाने की कोशिश की जिसका बीजेपी कड़ा विरोध करती है.
सुनील जाखड़ ने कसा तंज
वहीं कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए सुनील जाखड़ ने कहा, "हाईकमान ने राजा वड़िंग को अध्यक्ष तो बना दिया है लेकिन आज संगठन में कोई भी उनके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है. कांग्रेस में चल रही ये तथाकथित 'शांति वार्ता' किसी काम की नहीं है, क्योंकि पंजाब के लोग अब कांग्रेस की असलियत को बहुत अच्छी तरह समझ चुके हैं. मैं तो प्रभारी भूपेश बघेल को भी यही सलाह दूंगा कि वे इन लोगों के चक्करों में ज्यादा न पड़ें तो ही बेहतर होगा. "
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