पंजाब कांग्रेस में आर-पार! राजा वडिंग बोले- 'इस्तीफा नहीं दूंगा', क्या अब बैकफुट पर आएगा चन्नी खेमा?

अनुराधा तंवर

• 02:20 PM • 06 Aug 2026

Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने साफ कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी का खेमा लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है. जानिए राजा वडिंग के बयान, भूपेश बघेल के रुख, हाईकमान की रणनीति और पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान की पूरी कहानी.

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पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. हालांकि सीधे तौर पर उनसे कोई इस्तीफा नहीं मांग रहा है, लेकिन पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक लगातार कांग्रेस हाईकमान पर यह दबाव बना रहे हैं कि राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया जाए. इस खींचतान के बीच पहली बार राजा वडिंग ने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह किसी भी हाल में अपनी कुर्सी नहीं छोड़ने वाले हैं.

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मीडिया के सामने राजा वडिंग का दो टूक जवाब

पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब राजा वडिंग से अध्यक्ष पद छोड़ने और विरोध को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कड़े तेवरों में जवाब दिया. वडिंग ने कहा कि विरोध से संगठन और मजबूत होता है. उन्होंने अपनी चार साल की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने उनके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में 7 सीटें जीती हैं. वडिंग ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह अपना इस्तीफा बिल्कुल नहीं देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर हाईकमान उन्हें पद से उतारता है तो वे आराम से एक आम कार्यकर्ता की तरह कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करेंगे, लेकिन वे खुद से यह पद नहीं छोड़ेंगे.

हाईकमान का फैसला और चन्नी गुट की नाराजगी

पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान ने पहले ही अपनी जिम्मेदारियां तय कर दी थीं. हाईकमान ने राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला किया, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया. हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी और उनका खेमा इस भूमिका से खुश नहीं है और लगातार हाईकमान पर दबाव बना रहा है कि चन्नी को राज्य कांग्रेस की कमान सौंपी जाए और वडिंग को हटाया जाए.

प्रभारी भूपेश बघेल का रुख और कार्यकर्ताओं का हंगामा

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल राज्य के लगातार दौरों पर हैं. अपने छह दिवसीय और फिर दस दिवसीय पंजाब दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया था कि हाईकमान का फैसला अंतिम है और इसे बदला नहीं जाएगा. इसके बावजूद चन्नी समर्थकों की नाराजगी थमी नहीं है. भूपेश बघेल और राजा वडिंग के 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रमों के दौरान चन्नी समर्थकों द्वारा नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला है. इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर 'गो बैक बघेल' के पोस्टर भी लगाए गए और मोगा में आयोजित कार्यक्रम से पहले राजा वडिंग और भूपेश बघेल के पोस्टरों पर स्याही पोतकर क्रॉस का निशान लगा दिया गया.

इमोशनल बयानों के बाद अब आक्रामक स्टैंड

इससे पहले कार्यक्रमों के दौरान राजा वडिंग कई बार भावुक नजर आ चुके हैं. उन्होंने मंच से अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा था कि उन्होंने मुश्किल समय में पंजाब में पार्टी को संभाला, 80 सीटों से घटकर 18 सीटों पर आने के बाद पार्टी को खड़ा किया और 7 लोकसभा सीटें जीतकर दीं. उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल गांधी ने उनकी निष्ठा और सब्र को देखकर ही उन पर भरोसा जताया है. लेकिन अब भावुक अपीलों से आगे बढ़कर राजा वडिंग ने सीधा स्टैंड ले लिया है. उनका यह कड़ा बयान चन्नी खेमे को सीधा संदेश है कि हाईकमान और प्रभारी भूपेश बघेल का समर्थन उनके साथ है और वे पद से पीछे नहीं हटने वाले हैं.

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पंजाब कांग्रेस में कलह और तेज! भूपेश बघेल के 'स्लीपर सेल' वाले बयान पर हलचल तेज, क्या चन्नी पर होगी बड़ी कार्रवाई?