Punjab Congress: सचिन पायलट की रिपोर्ट से सुलझेगा चन्नी-वडिंग का विवाद? हाईकमान के सामने खुला गुटबाजी का सच

राजू झा

• 02:16 PM • 25 Sep 2026

Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग खेमे के बीच मतभेद के बीच पार्टी के नए प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य संगठन की स्थिति पर हाईकमान को रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट में संगठन की स्थिति, नेताओं के बीच मतभेद और चुनावी तैयारियों से जुड़े फीडबैक शामिल होने की बात सामने आई है. जानिए सचिन पायलट की रिपोर्ट में क्या सामने आया.

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पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर संगठन को लेकर हलचल काफी तेज हो चुकी है. इसी सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक बेहद अहम बैठक का आयोजन किया गया. इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सचिन पायलट भी विशेष तौर पर मौजूद रहे. इस बैठक को पंजाब में पार्टी की स्थिति मजबूत करने और आंतरिक कलह को दूर करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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सचिन पायलट ने सौंपी विस्तृत रिपोर्ट

सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि बैठक के दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य की जमीनी हकीकत से जुड़ी अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से संगठन के भीतर चल रही खेमेबाजी, नेताओं के आपसी मतभेद और प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर खुलकर फीडबैक दिया गया है. इसके अलावा, रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खेमे की तरफ से उठाई गई तमाम शिकायतों और आपत्तियों को भी विशेष रूप से जगह दी गई है, जिससे हाईकमान को पंजाब के आंतरिक समीकरणों को समझने में आसानी होगी.

'उदयपुर डिक्लेरेशन' और '50 अंडर 50' फॉर्मूले पर चर्चा

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को साधने के प्रयासों के बीच अब पार्टी के भीतर 'उदयपुर डिक्लेरेशन' और '50 अंडर 50' के फार्मूले का जिक्र भी जोर-शोर से शुरू हो गया है. मई 2022 में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित कांग्रेस के नवसंकल्प चिंतन शिविर में पार्टी के पुनरुद्धार के लिए कई बड़े राजनीतिक फैसले लिए गए थे, जिसमें '50 अंडर 50' संकल्प भी शामिल था. इसके तहत 50 साल से कम उम्र के युवाओं को चुनावी टिकटों में 50% तक की प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिसके चलते पंजाब के कई पुराने और दिग्गज नेताओं के टिकट कटने की चिंता बढ़ गई है.

सामूहिक नेतृत्व और 2027 के चुनाव की तैयारी

पंजाब में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश इकाई यह चाहती है कि चुनाव से पहले पार्टी पूरी तरह एकजुट नजर आए और जनता में एक सकारात्मक संदेश जाए. सचिन पायलट पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि पंजाब कांग्रेस आगामी चुनाव सामूहिक रूप से मिलकर लड़ेगी और राहुल गांधी इस चुनाव अभियान का मुख्य चेहरा होंगे. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकमान सचिन पायलट की इस रिपोर्ट के आधार पर पंजाब कांग्रेस के इस अंदरूनी विवाद को कैसे सुलझाता है और संगठन को मजबूत करने के लिए क्या कड़े कदम उठाता है.

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