पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की रणनीति और राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. कांग्रेस पार्टी ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है. पार्टी आलाकमान यानी राहुल गांधी ने सचिन पायलट को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को खत्म किया जाए और सभी नेताओं को एक मंच पर लाया जाए. इसी जिम्मेदारी को पूरा करने की दिशा में अब सचिन पायलट पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहे हैं और पंजाब के तमाम बड़े नेता उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते दिखाई दे रहे हैं.
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गुलजार सिंह की आत्महत्या पर गरमाई पंजाब की सियासत
राज्य में इन दिनों 47 वर्षीय दलित गुलजार सिंह की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ा हुआ है, जिस पर सियासत काफी गरमाई हुई है. गुलजार सिंह ने पंजाब में अनियंत्रित नशीली दवाओं (नशे के खतरे) को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने का साहस किया था, जिसके बाद उन पर कथित तौर पर दबाव और मानसिक उत्पीड़न किया गया.
परिवार का आरोप है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. इस गंभीर घटना को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मोर्चा खोल दिया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अंतिम संस्कार की रस्में भी पूरी नहीं करेंगे.
हरपाल चीमा के आवास तक कांग्रेस का विरोध मार्च
इस पूरे मामले में न्याय की मांग और आप सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास तक एक विशाल मार्च निकाला जा रहा है. सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि कांग्रेस पार्टी मंत्री हरपाल चीमा को बर्खास्त करने और इस पूरे मामले की तत्काल, समयबद्ध तथा स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग करती है.
एक मंच पर आए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी
इस विरोध प्रदर्शन और न्याय की लड़ाई के बहाने पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी के खत्म होने के संकेत मिलने लगे हैं. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और राज्य से सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, जिनके बीच पहले मतभेद और आपसी तनातनी जगजाहिर रही है, वे अब सचिन पायलट के साथ इस मार्च में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं.
राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ने ही सोशल मीडिया के जरिए कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस मार्च में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सचिन पायलट की एंट्री और इस संवेदनशील मुद्दे पर तमाम नेताओं का एक साथ आना आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस की राजनीति की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है.
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Punjab Election 2027: 10 जनपथ पर राहुल-प्रियंका संग सचिन पायलट की अहम बैठक, मिला बड़ा टास्क!
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