पंजाब में जारी हुआ SIR का फाइनल वोटर लिस्ट, 13 लाख से ज्यादा मतदाताओं के कटे नाम

न्यूज तक डेस्क

• 11:55 AM • 13 Oct 2026

Punjab SIR Final Voter List 2026: पंजाब में 12 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी हुई. SIR से पहले के मुकाबले मतदाताओं की संख्या 13.60 लाख घटकर 2.01 करोड़ रह गई, जबकि ड्राफ्ट सूची से 7.97 लाख से ज्यादा मतदाता जुड़े. जानिए पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या, नाम हटाने की वजहें और मतदान केंद्रों की नई संख्या.

Punjab Final Voter List 2026
Punjab Final Voter List 2026
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पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है और हर पार्टी अपने स्तर पर चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है. इसी बीच सोमवार यानी 12 अक्तूबर को पंजाब में हुए SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. SIR शुरू होने से पहले राज्य में वोटर्स की संख्या 2,14,61,043 थी, जो कि फाइनल वोटर लिस्ट में 2,01,00,727 रह गए है. यानी इस प्रक्रिया के तहत कुल 13.60 लाख(6.33%) मतदाताओं के नाम हटा दिए गए है. 

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हालांकि 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 1,93,94,435 मतदाता थे और इसके मुकाबले फाइनल लिस्ट में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. अब राज्य में 1,03,76,026 पुरुष मतदाता, 97,24,195 महिला और 506 थर्ड जेंडर वोटर है. SIR के दौरान मृत लोग, स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हुए, अनुपस्थित और डबल वोटर्स को हटाया गया है.

25 जून से शुरू हुआ था SIR

पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के मुताबिक, चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक राज्य में 25 जून से SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी. पंजाब को SIR, 2026 के तीसरे चरण में शामिल किया गया था. उन्होंने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट में 7,97,263 मतदाताओं को जोड़ा गया है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में वोटर्स की संख्या जहां 1,93,94,435 थी, वह अब बढ़कर 2,01,00,727 हो गया है, जो कि 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी है.

पूरी प्रक्रिया के तहत किया गया काम

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि SIR के लिए पूरी प्रक्रिया के तहत काम किया गया है. इसके लिए 25 जून से 3 अगस्त तक बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया है. इस दौरान मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म दिए और फिर वापस लिए गए. फिर 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में 20,66,608 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थायी रूप से दूसरे जगह शिफ्ट होना, मृत या डुप्लीकेट के कैटेगरी में रखा गया था.

इसके बाद दावे और आपत्तियों के लिए राज्यभर में पॉलिटिकल पार्टी के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की कॉपी दी गई. 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच लोगों से अपनी जानकारी को चेक करने और जरूरत पड़ने पर दावे-आपत्ति दाखिल करने को कहा गया था. आवेदन भेजने के लिए कई माध्यम जैसे ECINET ऐप के जरिए ऑनलाइन, बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से ऑफलाइन या चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालय में जमा करने के विकल्प दिए गए थे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस दौरान 19 रोल ऑब्जर्वर और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने दावों और आपत्तियों की जांच के लिए फील्ड विजिट और सुपर-चेंकिंग की.

उन्होंने आगे बताया कि 13 अगस्त से 8 अक्तूबर तक दावों और आपत्तियों को निपटाने के लिए ऐसे वोटर्स को नोटिस जारी किए गए, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी या जिनकी जानकारी में गड़बड़ी थी. अनिंदिता मित्रा के मुताबिक, नोटिस पाने वाले 35,49,036 वोटर्स में से 86,038 को अपात्र पाया गया.

मतदान केंद्रों की बढ़ी संख्या

आगामी चुनाव में मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए मतदान केंद्रों(वोटिंग सेंटर्स) की संख्या को भी बढ़ाया गया है. अब मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई है. यहीं नहीं मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए एक महीने की SVEEP योजना के तहत कई माध्यमों से जागरूकता अभियान भी चलाया गया है.

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