पंजाब की वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, AAP पर भड़के सांसद; पार्टी ने दिया करारा जवाब

कमलजीत संधू

• 09:41 AM • 03 Sep 2026

पंजाब की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम 'Permanently Shifted' लिखकर हटाया गया है. चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदला बताया और पंजाब सरकार पर आरोप लगाए. AAP ने आरोप खारिज कर कहा कि SIR चुनाव आयोग की प्रक्रिया है. 12 सितंबर तक दावा दाखिल किया जा सकता है.

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पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने पर सियासत तेज हो गई है. चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत जारी ड्राफ्ट सूची में उनके नाम के सामने 'Permanently Shifted' दर्ज किया गया है. चड्ढा ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ते हुए आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, AAP ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है.

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वोटर लिस्ट में चड्ढा के नाम के आगे क्या लिखा है?

चुनाव आयोग ने 13 अगस्त 2026 को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की थी. इसमें राघव चड्ढा का नाम 'Absent, Shifted, Dead and Duplicate' (ASDD) सूची में दर्ज है. उनके नाम के सामने 'Permanently Shifted' लिखा गया है.

हालांकि, यह अभी अंतिम मतदाता सूची नहीं है. आयोग की प्रक्रिया के तहत प्रभावित मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है. राघव चड्ढा भी इस प्रक्रिया के जरिए अपना नाम दोबारा शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं.

पंजाब में 20.66 लाख नाम हटाए गए

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत पंजाब में अब तक करीब 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. यह संख्या पुनरीक्षण से पहले राज्य के कुल मतदाताओं की करीब 9.7 फीसदी है. राघव चड्ढा का नाम भी इसी सूची में शामिल है.

चड्ढा ने पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मोहाली में अपने वोटर आईडी का हवाला देते हुए राघव चड्ढा ने पंजाब की AAP सरकार पर प्रशासन और पुलिस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया. उनका कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटना महज कोई सामान्य या लिपिकीय गलती नहीं है.

चड्ढा ने सवाल उठाया कि उन्हें 'Shifted' कैटेगरी में किसने डाला और इसकी जांच किसने की. उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के अधिकारी शामिल रहे.

उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO से लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO तक चुनावी प्रक्रिया में तैनात अधिकारी राज्य के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा हैं. उनके मुताबिक, चुनावी ड्यूटी पूरी होने के बाद अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादलों पर राज्य सरकार का प्रभाव रहता है. इसी वजह से उन्होंने प्रशासनिक दबाव के जरिए राजनीतिक बदले का आरोप लगाया.

'AAP छोड़ने के बाद बौखलाई हुई है पार्टी'

राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद से पार्टी नेतृत्व उनके और अन्य पूर्व AAP नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता AAP छोड़ चुके हैं और सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं, उन्हें पंजाब पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए निशाना बनाया जा रहा है.

चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का भी दिया हवाला

चड्ढा ने चुनाव आयोग के SIR दिशानिर्देशों के पैरा 4(d) का हवाला देते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए. उनका दावा है कि इस प्रावधान के तहत सांसदों, विधायकों और न्यायाधीशों जैसे जनप्रतिनिधियों के लिए एक 'Protected List' का प्रावधान है.

उनके मुताबिक, यदि किसी जनप्रतिनिधि के नाम को लेकर डेटाबेस में कोई आपत्ति या फ्लैग हो, तब भी दावा और आपत्ति की अवधि तक उसका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में रखा जाना चाहिए. इससे संबंधित व्यक्ति जरूरी दस्तावेज जमा कर अपना पक्ष रख सकता है. चड्ढा का आरोप है कि मौजूदा राज्यसभा सांसद होने के बावजूद उनके मामले में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया.

अक्टूबर में आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

राघव चड्ढा ने यह भी साफ किया कि अभी केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई है. अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी.

उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया के तहत अपना दावा और आपत्ति दर्ज करा रहे हैं. उनका कहना है कि पंजाब की वोटर लिस्ट किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है.

AAP ने आरोपों पर किया पलटवार

राघव चड्ढा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने भी जवाब दिया है. पार्टी ने एक राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चड्ढा खुद दिल्ली में बैकडेट से वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे हैं.

AAP का आरोप है कि दिल्ली में रजिस्ट्रेशन की कोशिश सफल नहीं होने के बाद चड्ढा अपनी स्थिति के लिए पंजाब सरकार और पार्टी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

'SIR में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं'

AAP ने कहा कि मतदाता सूची का SIR अभियान चुनाव आयोग यानी ECI की प्रक्रिया है. पार्टी के मुताबिक, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

पार्टी ने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला चुनाव आयोग के स्तर पर होता है. इसलिए इसके लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है.

AAP ने यह भी कहा कि सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं. ऐसे में पंजाब में अपना वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कराना उनकी जिम्मेदारी थी.

दिल्ली में बैकडेट वोटर रजिस्ट्रेशन का दावा

AAP नेताओं ने दावा किया कि उन्हें चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों से जानकारी मिली है कि राघव चड्ढा दिल्ली के राजेंद्र नगर में बैकडेट के जरिए वोटर के तौर पर अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं.

पार्टी ने कहा कि अगर किसी तरह की गैरकानूनी या बैकडेट एंट्री कराने की कोशिश हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. AAP ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी या किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसी प्रक्रिया में मदद की है तो पार्टी इस मामले को आगे ले जाएगी.

2022 में बने थे पंजाब से राज्यसभा सांसद

राघव चड्ढा 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे. इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने AAP छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था.

12 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं दावा

चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नाम हटाए जाने को लेकर दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है. जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं, वे 12 सितंबर 2026 तक Form 6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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