जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर हुआ विवाद अब और बढ़ गया है. CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने टीम पर हमले के बाद BJP और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रांका ने दावा किया कि उनकी टीम पर पहले से सुनियोजित तरीके से हमला किया गया और पुलिस पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बनी रही.
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रांका ने कहा कि घटनास्थल पर पहले से ही पथराव हो रहा था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. उनके मुताबिक, पुलिस से मदद की अपील करने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे कुछ नहीं करेंगे.
'पूरे देश ने BJP की गुंडागर्दी लाइव देखी'
हमले के बाद बयान देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि राजस्थान में आज जो हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इशारे पर कराया गया.
रांका ने कहा कि उनकी टीम के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई. एक कार्यकर्ता का हाथ टूटने का दावा भी उन्होंने किया. CJP नेता के मुताबिक, उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और पथराव भी हुआ.
महिला कार्यकर्ताओं के फोन तोड़ने का आरोप
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि टीम में शामिल महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई. उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों की ओर से भी उनकी महिला कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए और उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए गए.
रांका ने इसे पहले से प्लान किया गया हमला बताया. उन्होंने कहा कि CJP की टीम रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी. पार्टी का कहना है कि स्कूल की हालत लंबे समय से खराब है और बच्चे फिलहाल मुख्य भवन के बजाय टीनशेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं.
'स्कूल एक साल से भैंसों के तबेले में चल रहा'
रांका ने स्कूल की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि स्कूल करीब एक साल से भैंसों के तबेले जैसी जगह पर चल रहा है और CJP सिर्फ इसकी स्थिति देखने और मरम्मत की मांग को लेकर वहां पहुंची थी.
इससे पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्कूल की जर्जर बिल्डिंग के कारण बच्चों को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़ेनुमा जगह पर पढ़ाया जा रहा है. वहां टीनशेड के नीचे कक्षाएं चल रही हैं.
'48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करो'
आशुतोष रांका ने सरकार और प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने मांग की कि हमले में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए और CJP के स्कूल निरीक्षण से जुड़े आदेश को वापस लिया जाए.
रांका ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा. उन्होंने कहा अगर कार्रवाई नहीं हुआ तो मामला मदन दिलावर के इस्तीफे की जाएगी.
'राजस्थान के लोकतंत्र के लिए काला दिन'
रांका ने पूरे घटनाक्रम को राजस्थान के लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर उनकी टीम स्कूलों का निरीक्षण कर रही है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है.
उन्होंने BJP पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मौके पर भाजपा से जुड़े लोग मौजूद थे और उन्हीं की ओर से उनकी टीम का विरोध किया गया.
हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे CJP के निरीक्षण का विरोध कर रहे थे. ग्रामीणों ने स्कूल की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से राशि स्वीकृत होने का भी दावा किया है. ऐसे में स्कूल निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है.
पहले भी CJP से जुड़े लोगों पर हुआ था विवाद
CJP से जुड़े लोगों के साथ जयपुर में यह दूसरा बड़ा विवाद है. इससे पहले 15 जून 2026 को CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ भी जयपुर में मारपीट हुई थी. वह शिक्षा व्यवस्था, NEET पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे.
रामपुरा-कंवरपुरा की घटना के बाद अब आशुतोष रांका ने सीधे सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनके 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है.
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