एशियन गेम्स (Asian Games) में अपने खेल का जलवा बिखेरने वाले राजस्थान के होनहार एथलीट धर्मवीर चौधरी जब जापान से मेडल जीतकर अपने गृह जिला टोंक लौटे तो उनका किसी राजा-महाराजा की तरह भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया. टोंक के हाड़ीखुर्द गांव के रहने वाले धर्मवीर ने एशियन गेम्स की 400 मीटर रिले स्पर्धा में देश के लिए ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल जीतकर पूरे प्रदेश और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
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जापान से लौटने पर उमड़ी भीड़
धर्मवीर चौधरी के वतन और अपने पैतृक गांव लौटने की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला. जयपुर एयरपोर्ट से लेकर उनके टोंक स्थित हाड़ीखुर्द गांव तक जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया और फूलों की वर्षा कर युवा एथलीट का अभिनंदन किया.
संघर्षों से भरी रही है सफलता की राह
ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले धर्मवीर चौधरी का यह मुकाम आसान नहीं था. सीमित संसाधनों के बीच कड़ी मेहनत, अटूट लगन और पसीने की बदौलत उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है. जापान के मंच पर तिरंगा लहराने के बाद जब वे अपने गांव पहुंचे, तो उनकी इस सफलता से युवाओं में एक नई प्रेरणा जाग उठी है.
स्वागत समारोह के दौरान धर्मवीर ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच और देशवासियों के समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य देश के लिए और भी बड़े पदक जीतना है. टोंक के इस लाल की इस शानदार उपलब्धि से पूरा राजस्थान गर्व महसूस कर रहा है.
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