बाड़मेर में भारी बवाल: MLA रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर छिड़का पेट्रोल! कलेक्ट्रेट पर पुलिस का बल प्रयोग, मजदूरों को पीटा; जानें गिरल विवाद का पूरा मामला

Barmer News: बाड़मेर कलेक्ट्रेट कूच के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश की. गिरल RSMM लिग्नाइट खनन विवाद को लेकर हुआ बड़ा बवाल, पुलिस से तीखी झड़प.

NewsTak
रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर छिड़का पेट्रोल.

दिनेश बोहरा

follow google news

Barmer news: राजस्थान के बाड़मेर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल गांव में पिछले 40 दिनों से चल रहे धरने को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जबरदस्त बवाल हो गया. सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने पहुंचे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया.

Read more!

पुलिस का बल प्रयोग, मजदूरों के साथ जोर-आजमाइश 

जानकारी के अनुसार, जब विधायक रविंद्र सिंह भाटी सैकड़ों ग्रामीणों और मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी जोर-आजमाइश हुई. आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान बल प्रयोग भी किया और मजदूरों के साथ धक्का-मुक्की की. 

ऐन वक्त पर छिड़का पेट्रोल, युवक ने बचाई जान 

पुलिस द्वारा रोके जाने से आक्रोशित हुए छात्र राजनीति से उभरे फायरब्रांड विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अचानक पेट्रोल की बोतल निकाल ली और अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया. भाटी खुद को आग लगाने ही वाले थे कि तभी पास खड़े एक मुस्तैद युवक ने उनके हाथ से माचिस छीन ली. वहीं, पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए भाटी को चारों तरफ से घेरकर मजबूती से पकड़ लिया. इस खौफनाक कदम के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर किया और विधायक भाटी को कलेक्टर से वार्ता के लिए अंदर भेजा. 

क्या है गिरल का पूरा विवाद? 

दरअसल, यह पूरा विवाद बाड़मेर के गिरल गांव में राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMM) द्वारा किए जा रहे लिग्नाइट खनन से जुड़ा है. स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने बरसों पहले उनकी जमीनें लेते वक्त रोजगार और विकास के बड़े-बड़े सपने दिखाए थे. कुछ लोगों को ड्राइवर और मजदूर की नौकरी दी भी गई, लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले कंपनी ने अचानक स्थानीय लोगों को नौकरी से निकाल कर उनका रोजगार छीन लिया. 

मांगे नहीं मानी तो सिर दे दूंगा, पांव पीछे नहीं लूंगा: भाटी 

इसी रोजगार की बहाली को लेकर पिछले 25 दिनों से ग्रामीण धरने पर थे, जिसके बाद पिछले 14 दिनों से विधायक रविंद्र सिंह भाटी खुद दिन-रात मजदूरों के साथ धरने पर डटे हुए थे. कंपनी प्रबंधन द्वारा मांगे न मानने पर आज 'महापड़ाव' और कलेक्ट्रेट कूच का ऐलान किया गया था. कलेक्ट्रेट के भीतर कलेक्टर से वार्ता के लिए जाने से पहले भाटी ने हुंकार भरते हुए अपने भाषण में कहा, "अगर कंपनी हमारी मांगें नहीं मानती है, तो मेरे अपने लोगों के लिए मुझे सिर भी देना पड़ा, तो मैं पांव पीछे नहीं लूंगा." फिलहाल कलेक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और विधायक भाटी की जिला कलेक्टर के साथ बंद कमरे में वार्ता चल रही है. 

 

'डोटासरा भूल गए, सीकर से कैसे निकलते थे 'गारंटेड बैच'? NEET लीक पर भड़के राजेंद्र राठौड़
 

    follow google news