राजस्थान के बाड़मेर में नेशनल हाईवे 68 पर एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ जिसने जोधपुर के एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया. सुजलॉन कंपनी में चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौधरी का ट्रांसफर बाड़मेर हुआ था. वे अपनी पत्नी बेबी और मासूम बेटे विवान के साथ नई जॉइनिंग के लिए बाड़मेर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुई एक भिड़ंत ने सब कुछ उजाड़ दिया.
ADVERTISEMENT
सफर की रील बनी आखिरी याद
हादसे से कुछ ही समय पहले बाबूलाल की पत्नी बेबी ने सोशल मीडिया पर एक रील शेयर की थी. 'नीले गगन के तले' गाने पर बनी इस रील में पूरा परिवार बेहद खुश नजर आ रहा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी याद बन जाएगी. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसे देख हर किसी की आंखें नम हो गईं.
पिकअप और कार की भीषण टक्कर
हादसा मंगलवार दोपहर को हरसानी के पास हुआ. बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई. हादसे में बाबूलाल, उनकी पत्नी बेबी, बेटा विवान और उनके एक सहकर्मी वीरेंद्र की मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शवों को निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
गांव में पसरा सन्नाटा
से ही बाबूलाल के पैतृक गांव झालामलिया (भोपालगढ़) में मौत की खबर पहुंची, वहां मातम छा गया. पूरे गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला. बुधवार को जब तीनों शव गांव पहुंचे, तो गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया. ग्रामीण और सहकर्मी इस बात से स्तब्ध हैं कि नई जिंदगी शुरू करने निकला परिवार मौत की आगोश में सो गया.
जयपुर में गर्भवती महिला से सरेआम छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस ने क्यों छोड़ा? सामने आई ये कहानी
ADVERTISEMENT


