फलोदी जिले के लोहावट स्थित जंभेश्वर नगर में 27 जुलाई की मध्यरात्रि को हुई भंवरी देवी की बेरहमी से हत्या के मामले में 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. अज्ञात हमलावर ने घर में सो रही भंवरी देवी और उनके मासूम बच्चों पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें भंवरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं. इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से इलाके में आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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उस रात क्या हुआ था? बच्ची की जुबानी आंखों देखी दास्तां
राजस्थान तक की ग्राउंड रिपोर्ट में भंवरी देवी की सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छोटी बेटी सोनू ने उस भयानक रात का मंजर बयां किया:
अचानक हमला: 27 जुलाई की रात करीब 12 बजे जब पूरा परिवार सो रहा था, तब एक अज्ञात हमलावर ने घर में घुसकर सो रही भंवरी देवी पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए.
बच्चों पर भी वार: मां की चीख सुनकर जब बड़ी बेटी रामज्योति जागी, तो हमलावर ने उस पर भी हमला कर दिया. रामज्योति जब जान बचाकर पास स्थित अपने ताऊ के घर की तरफ भागी, तो हमलावर ने उसका पीछा करते हुए पीठ पर चाकू से कई वार किए.
छोटी बच्ची की समझदारी: सातवीं में पढ़ने वाली सोनू ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बहन और छोटे भाई को बाइक और खाट के पीछे छुपाया ताकि उनकी जान बच सके. हालांकि, इस दौरान सोनू और उसके छोटे भाई को भी चाकू की चोटें आईं.
100 नंबर पर कॉल और पुलिस की देरी: मासूम बच्ची ने हिम्मत जुटाकर 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया और अपने मामा को सूचना दी. परिजनों का आरोप है कि पुलिस स्टेशन महज 5-10 किलोमीटर दूर होने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में 2 से 3 घंटे लग गए.
अस्पताल में जिंदगी की जंग, जोधपुर रेफर
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने भंवरी देवी को मृत घोषित कर दिया. वहीं, गंभीर रूप से घायल बड़ी बेटी रामज्योति को इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
ताऊ के परिवार से पूछताछ, पुलिस कस्टडी में जेठ
वारदात के पीछे के कारणों को लेकर पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है. पारिवारिक रंजिश और शक के आधार पर भंवरी देवी के जेठ हेतराम, उनकी पत्नी और बेटियों को पुलिस ने कस्टडी में लिया है और पिछले 4-5 दिनों से उनसे पूछताछ की जा रही है. हालांकि, अभी तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है.
15 दिन से आक्रोश: भूख हड़ताल पर बैठे लोग
- घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों और बिश्नोई समाज में भारी गुस्सा है.
- पूर्व विधायक कृष्णा राम बिश्नोई के नेतृत्व में पिछले 5 दिनों से 100 से अधिक लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
- हजारों की संख्या में लोग धरना स्थल पर एकत्र होकर जल्द से जल्द न्याय और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
- मृतका के पति और परिजन भी धरने पर डटे हुए हैं, जबकि बच्चे फिलहाल अपने मामा के घर शरण लिए हुए हैं.
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