भीलवाड़ा में मां ने अपने ही दो बच्चों को उतारा मौत के घाट, वजह जानकर कांप जाएगी रूह

Bhilwara Crime News: राजस्थान के भीलवाड़ा में मां ने सोशल मीडिया से फैले वहम और बीमारी के डर में अपने 10 साल की बेटी और 6 साल के बेटे की हत्या कर दी. पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे, जानिए पूरा मामला.

Bhilwara crime news
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प्रमोद तिवारी

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Bhilwara News:राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाए. एक मां, जो कल तक अपने बच्चों के साथ सोशल मीडिया पर रील बनाती थी और उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाती थी, अचानक अपने ही कलेजे के टुकड़ों की कातिल बन गई. मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुर गांव में एक महिला ने अपने 10 साल की बेटी और 6 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी. इस हत्याकांड के पीछे की वजह न तो कोई पारिवारिक रंजिश थी और न ही कोई झगड़ा, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए फैला एक 'वहम' और बीमारी का डर था. 

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सामान्य थी सुबह, फिर हुआ खौफनाक अंत

घटना 11 जनवरी की सुबह की है. बच्चों के पिता राजू के मुताबिक, घर में सब कुछ सामान्य था. सुबह राजू और उसकी पत्नी मंजू ने साथ बैठकर खाना खाया. राजू को अपने पिता के साथ टेंट लगाने के काम पर मार्केट जाना था. घर में 10 साल की नेहा और 6 साल का भैरू सो रहे थे. करीब 9:30 बजे राजू घर से निकला, लेकिन दो घंटे बाद ही उसके पिता के फोन पर मंजू का कॉल आया. मंजू ने फोन पर चीखते हुए कहा, 'मैंने दोनों बच्चों को मार दिया है और अब खुद भी मर रही हूं.'

हत्या का क्रूर तरीका

जब राजू बदहवास होकर घर पहुंचा, तो वहां का मंजर देख उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी. मंजू ने पहले अपने बच्चों का गला घोटा और फिर लोहे के सरिए से उन पर वार कर दिए. हत्या के बाद महिला ने खुद भी जान देने की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया.

'सोशल मीडिया' और 'गूगल' बना मौत का कारण

पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ वो बेहद चौंकाने वाला है. मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम मीणा ने बताया कि आरोपी महिला संजू देवी पिछले 8-9 महीनों से मुंह के छालों से परेशान थी. उसने डॉक्टर के पास जाने के बजाय यूट्यूब (YouTube) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर अपने लक्षणों को सर्च करना शुरू किया. सोशल मीडिया पर मिली अधूरी जानकारी के कारण उसने मान लिया कि उसे 'कैंसर' हो गया है.

डिप्रेशन में आई महिला को सिर्फ एक ही डर सताने लगा कि,'अगर मैं मर गई तो मेरे बच्चों का क्या होगा?' इसी खौफ और गलत धारणा की वजह से उसने फैसला किया कि वह अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ेगी और उन्हें अपने साथ ही ले जाएगी.

अब पछतावा, पर उजड़ गया घर

गिरफ्तारी के बाद अब महिला को अपने किए पर पछतावा है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. बच्चों के पिता राजू का कहना है कि वह अब अपनी पत्नी के साथ नहीं रहेंगे, क्योंकि उन्हें अब उससे डर लगने लगा है. हालांकि यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि इंटरनेट पर दी गई जानकारी को बिना डॉक्टरी सलाह के सच मानना कितना घातक हो सकता है.

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