Bhilwara Tehsildar Trap: राजस्थान में गर्मी की तपिश शुरू ही हुई थी कि उसके लिए AC का प्रंबंध करने में जुटे तहसीलदार साहब नप गए. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में जमीन के रजिस्ट्रेशन के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए अटाली तहसील के तहसीलदार, एक यूडीसी और ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि जमीन के रजिस्ट्रेशन के लिए एयर कंडीशनर और 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी.
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शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल
अजमेर एसीबी की सीआई कंचन भाटी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि भीलवाड़ा जिले की अटाली तहसील क्षेत्र के जवानपुरा गांव में लीज पर ली गई जमीन की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराना था. इसके लिए उसने एक ई-मित्र संचालक से संपर्क किया.
ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक ने कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तहसीलदार से मुलाकात करनी होगी. इसके बाद तहसीलदार गणेश कच्छावा से मुलाकात करवाई गई.
काम कराने के बदले मांगे एसी और नकद
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में ई-मित्र संचालक ने बताया कि तहसीलदार ने रजिस्ट्रेशन का काम करवाने के लिए एक एयर कंडीशनर और 60 हजार रुपये की मांग की है. यह बात सामने आने के बाद शिकायतकर्ता ने अजमेर एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई.
सत्यापन के बाद एसीबी की कार्रवाई
एसीबी टीम ने 10 मार्च को शिकायत को वेरिफाई किया. शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार शाम सीआई कंचन भाटी के नेतृत्व में टीम अटाली पहुंची.
शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार 60 हजार रुपये ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक को दिए. उसने यह राशि अपनी दराज में रख ली.
रिश्वत लेते ही टीम ने किया गिरफ्तार
संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर रिश्वत की राशि बरामद कर ली. इसके बाद ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक, तहसीलदार गणेश कच्छावा और यूडीसी हनुमान सहाय मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में रिश्वत मांगने की बात स्वीकार
एसीबी टीम ने तीनों आरोपियों से पूछताछ की. इस दौरान तहसीलदार और यूडीसी ने रिश्वत मांगने की बात स्वीकार कर ली. इसके बाद तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.
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