Bulandshahr Sangeeta Murder Case Dausa: जिस सफर की शुरुआत आस्था और भक्ति के नाम पर हुई थी, किसे पता था कि वह सफर जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा. सैकड़ों किलोमीटर का फासला तय कर जब एक युवती दर्शन के बहाने पहुंची, तो उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि सुनसान पहाड़ियों के पीछे उसके लिए मौत की साज़िश रची जा चुकी है. चेहरे पर गहरे ज़ख्म, पास में न कोई पहचान और न ही कोई सुराग- दौसा के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में मिली एक अज्ञात लाश ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए थे. आखिर कौन थी वह युवती और क्यों आस्था के धाम के पास इतनी बेदर्दी से उसकी सांसें छीन ली गईं?
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17 अगस्त को मिली थी खून से सनी लाश
17 अगस्त को दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बमात की पहाड़ी (मोरा माता मंदिर के पास) पर ग्रामीणों ने पीले रंग के सूट और सफेद सलवार में एक करीब 20 वर्षीय युवती की खून से सनी लाश देखी. मृतका के चेहरे पर चोट के गंभीर निशान थे और चेहरा बुरी तरह से कुचला हुआ था. लाश के पास न तो कोई मोबाइल था और न ही कोई पहचान पत्र, जिससे यह मामला पुलिस के लिए एक पूरी तरह से 'ब्लाइंड मर्डर केस' बन गया था.
1000 CCTV फुटेज और 700 किमी का पीछा
दौसा पुलिस ने मामले की संजीदगी को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया. मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने राजस्थान (दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, भरतपुर) से लेकर उत्तर प्रदेश (मथुरा, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर) और मध्य प्रदेश (ग्वालियर, उज्जैन) तक छानबीन की.
पुलिस की टीमों ने करीब 700 किलोमीटर के दायरे में 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. साइबर सेल की तकनीकी जांच और सीसीटीवी कैमरों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार मृतका की पहचान जुबेर उर्फ संगीता निवासी बुलंदशहर (यूपी) के रूप में करने में कामयाब रही.
शादी का दबाव और हत्या की खौफनाक साजिश
मृतका की पहचान होने के बाद जब पुलिस ने मामले की पड़ताल आगे बढ़ाई, तो मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ सोनू मीणा (24 वर्ष) और उसके दोस्त विवेक मीणा (21 वर्ष) का नाम सामने आया. जांच में खुलासा हुआ कि संगीता और गजेंद्र के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन गजेंद्र पहले से ही शादीशुदा था और उसने यह सच्चाई संगीता से छिपा रखी थी. जब संगीता को गजेंद्र के शादीशुदा होने की भनक लगी, तो वह उस पर पहली पत्नी को छोड़कर खुद से शादी करने का लगातार दबाव बनाने लगी.
शादी के इस बढ़ते दबाव से पीछा छुड़ाने के लिए गजेंद्र ने अपने दोस्त विवेक मीणा के साथ मिलकर संगीता को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया. साजिश के तहत आरोपी संगीता को मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन कराने का झांसा देकर राजस्थान ले आए. वहां दर्शन कराने के बाद वे उसे घुमाने के बहाने मोरा माता मंदिर के पास स्थित एक सुनसान पहाड़ी पर ले गए. पहाड़ी पर पहुंचते ही आरोपियों ने पहले संगीता का गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर उसकी पहचान छुपाने की नीयत से भारी-भरकम पत्थर से उसके चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया.
दोनों इनामी आरोपी गिरफ्तार
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी शव को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए थे. राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने यूपी, दिल्ली और हरियाणा में दबिश देकर 25-25 हजार रुपये के इनामी दोनों आरोपियों गजेंद्र और विवेक को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.
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