Sadhvi Prem Baisa death Investigation Update: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. मौत है या हत्या, इस सवाल का जवाब तलाशने में जुटी एसआईटी टीम ने अब जांच तेज कर दी है. घटना के सातवें दिन टीम प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंची. ये वही अस्पताल है जहां साध्वी को आखिर वक्त में इलाज के लिए लाया गया था. टीम ने उस अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से काफी डिटेल में पूछताछ की.
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जांच के दौरान एसआईटी ने अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण जैन से बातचीत की और साध्वी को लाए जाने वक्त वहां जो भी स्टाफ मौजूद था उनसब से भी जानकारी जुटाई. बताया जा रहा है कि जब 28 जनवरी की शाम साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल लाया गया था उस समय की पूरी स्थिति को दोबारा समझने के लिए रिक्रिएशन भी कराया गया. साथ ही मौके का नक्शा बनाकर हर पहलू को बारीकी से जांचा जा रहा है.
क्या मिला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक साध्वी का पेट और फेफड़े सिकुड़े हुए पाए गए थे. इतना ही नहीं उनके नाखूनों का रंग बदल चुका था और पूरा शरीर भी सिकुड़ा हुआ नजर आया. इन संकेतों ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और अब मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
एसआईटी प्रभारी एसीपी छवि शर्मा और एसएचओ शकील अहमद ने अस्पताल कर्मचारियों से विस्तार से पूछताछ की. टीम हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. फिलहाल पुलिस इस मामले में किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है.
जोधपुर का यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कथावचक होने के कारण देश भर के लोगों की नजरें इस मामले पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की असली वजह सामने आएगी.
जानिए इन 6 दिनों में क्या-क्या हुआ
28 जनवरी की शाम करीब 5 बजे एक कंपाउंडर को बुलाया गया था. इसके बाद साध्वी को इंजेक्शन दिया गया. लेकिन इंजेक्शन लगने के मात्र आधे घंटे बाद यानी करीब 5:30 बजे उनकी मौत हो गई.
रात लगभग 9:30 बजे उनकी मौत से जुड़ा एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर सामने आया जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस आश्रम पहुंची और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए शव को अस्पताल भिजवाया गया.
अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
अगले दिन साध्वी के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस बीच पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और दोपहर करीब 3:30 बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया. इसके बाद पार्थिव शरीर को बालोतरा के परेऊ ले जाया गया.
30 जनवरी को अंतिम दर्शन और समाधि
30 जनवरी की सुबह से ही लोगों के लिए अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई. बड़ी संख्या में श्रद्धालु उन्हें आखिरी विदाई देने पहुंचे. दोपहर करीब 12:30 बजे परेऊ गांव में उनके आश्रम के पास ही साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दे दी गई.
पुराना वीडियो भी रहा चर्चा में
इस मामले के बीच एक पुराना वीडियो भी फिर से चर्चा में आ गया. दरअसल जुलाई 2025 में यह वीडियो खूब वायरल हुआ था जिसे देखकर लोगों ने अजीबो-गरीब टिप्पणियां की थीं. वीडियो में दिख रहा था कि जैसे ही भगवा वस्त्र पहने दाढ़ी वाले बाबा कमरे में आते हैं साध्वी उन्हें गले लगा लेती हैं.
हालांकि बाद में जब ‘राजस्थान तक’ ने इसकी जांच की तो सच्चाई कुछ और ही निकली. वीडियो में नजर आ रहे बाबा कोई और नहीं बल्कि साध्वी के पिता वीरमनाथ थे.
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