साध्वी प्रेम बाईसा मामले में कंपाउंडर देवी सिंह ने किया बड़ा खुलासा, बोले- 2 बार आया था फोन, तब...आश्रम
Sadhvi Prem Baisa Death Case: राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. कंपाउंडर देवी सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसे दो बार फोन आया था और उसने प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार ही इंजेक्शन लगाया था. जानिए आश्रम से जुड़ी पूरी टाइमलाइन, चश्मदीद के बयान, SIT जांच और मौत से जुड़े हर अहम खुलासे.

28 जनवरी को हुई राजस्थान की सुप्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत आज 5 दिन बाद भी रहस्य ही बनी हुई है. जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे है यह मामला गंभीर होते जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने एक ओर जहां SIT(Special Investigation Team) बना दी है, वहीं दूसरी ओर सेवादार से लेकर सभी लोग यह कह रहे है कि उनकी मौत इंजेक्शन के लगने से हुई है. इसी बीच आज तक की टीम उस कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित के पास पहुंची जिसने साध्वी को इंजेक्शन दिया था. देवी सिंह ने आज तक से खास बातचीत में खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने वहीं इंजेक्शन दिया था जो पहले से प्रिस्क्रिप्शन पर लिखा हुआ था. इसके अलावा उन्होंने कई बातें भी बताई. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
पहले जानिए पूरा मामला
दरअसल 28 जनवरी(बुधवार) को राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की करीब शाम 5:30 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें वहां मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत के बाद से ही पूरे राजस्थान का माहौल गरमाया हुआ है और सेवादार जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे है. वहीं इस मामले में एक कंपाउंडर देवी सिंह की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है और आरोप लगाए जा रहे है कि उनके इंजेक्शन देने के बाद ही साध्वी की मौत हो गई है.
कंपाउंडर देवी सिंह ने किए कई खुलासे
इस मामले में आज तक से खास बातचीत में देवी सिंह राजपुरोहित ने कहा कि, मैं वहीं कॉलोनी में रहता हूं और जब भी जरूरत होती तो सेवा के नाते मैं आश्रम में आया-जाया करता था. देवी सिंह ने आगे कहा कि, मैंने अपने मन से कोई इंजेक्शन नहीं लगाया था. मैंने वहीं इंजेक्शन लगाया जो कि प्रिस्क्रिप्शन में था और उसी क्वांटिटी में लगाया.
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'वीरम नाथ ने दो बार कॉल किया था'- देवी सिंह
देवी सिंह ने आगे नया खुलासा करते हुए कहा कि पहले वीरमनाथ जी ने मुझे 12 बजे कॉल किया था और फिर शाम 5 बजे कॉल किया था, जिसके बाद मैं वहां गया था. इंजेक्शन देने के बाद मैं वहां से निकल गया और फिर 20-25 मिनट के बाद फोन किया कि तबियत खराब हो गई है, तब मैंने कहा था हॉस्पिटल ले जाओ. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने डेकोना डेक्सोना और डायनापार इंजेक्शन मसल्स पर लगाया था.
कंपाउंडर पहले भी जा चुका है आश्रम
देवी सिंह ने यह भी कहा कि सेवा के नाता वह पहले भी वहां 3-4 बार जा चुका है. सेवादार के साथ-साथ साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ जी को एक बार इंजेक्शन लगाया था. देवी सिंह राजपुरोहित ने कहा है कि इस घटना ने मेरी जिंदगी में उथल-पुथल मचा दी है, लेकिन मुझे कानून व्यवस्था और कानून प्रणाली पर पूरा भरोसा है कि मेरे साथ जो भी होगा अच्छा ही होगा.
यहां देखें देवी सिंह राजपुरोहित से खास बातचीत
चश्मदीद ने बताई थी ये बात
वहीं इस मामले में आश्रम में मौजूद एक चश्मदीद ने बताया था कि इंजेक्शन लगने के बाद ही साध्वी के नाखून नीले-हरे पड़ने लगे थे. इसके अलावा अस्पताल ले जाते वक्त साध्वी ने अपने पिता से न्याय दिलाने की बात भी कही थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. फिलहाल इस मामले में SIT जांच कर रही है और हर एक पहलू पर जांच कर रही है.
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से लेकर समाधि तक की पूरी टाइमलाइन
28 जनवरी
- शाम 5 बजे कंपाउंडर को बुलाया गया, जिसके बाद इंजेक्शन दिया गया.
- शाम 5:30 बजे मौत हो गई.
- फिर रात 9:30 के करीब इंस्टाग्राम पर मौत से जुड़ा पोस्ट हुआ
- फिर पुलिस आश्रम पहुंची और शव को अस्पताल में आगे की कार्रवाई के लिए शिफ्ट कराया
29 जनवरी
- साध्वी के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों में तनातनी हुई
- पोस्टमार्टम होने के बाद 3:30 बजे शव को सौंपा गया
- फिर शव बालोतरा को परेऊ पहुंचा
30 जनवरी
- शव को सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए रखा गया
- दोपहर 12:30 बजे परेऊ गांव में ही उनके आश्रम के पास समाधि दी गई
प्रेम बाईसा और वीरमनाथ का वीडियो भी हुआ था वायरल
आपको बता दें कि जुलाई 2025 में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा था, जिसे देखकर लोग अतरंगी कमेंट्स भी कर रहे थे. दरअसल वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि जैसे ही एक भगवाधारी दाढ़ी वाले बाबा कमरे में आते है तो साध्वी उन्हें देखते ही गले लग जाती है. लोगों ने इसे बिना कुछ सोचे-समझे वायरल कर दिया था, जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई भी हुई थी.
राजस्थान तक ने जब मामले की जांच की तब पता चला कि वीडियो में दिख रही साध्वी का नाम प्रेम बाईसा है और भगवाधारी बाबा कोई और नहीं बल्कि उनके पिता वीरमनाथ है. लोगों ने पिता-पुत्री के इस पवित्र रिश्ते को बिना सोचे-समझे ही बदनाम कर दिया था.(यहां पढ़ें पूरी खबर)










