जयपुर: छुट्टी के दिन स्कूल परिसर में धधक उठी चिता... आखिर स्कूल में क्यों किया गया अंतिम संस्कार? जानिए पूरा विवाद

न्यूज तक डेस्क

• 02:16 PM • 07 Oct 2026

Dudu School Cremation Controversy: राजस्थान के दूदू में एक सरकारी स्कूल के अंदर रविवार की छुट्टी के दिन ताला तोड़कर जबरन अंतिम संस्कार करने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जानिए पुराने श्मशान के दावे और स्कूल की जमीन को लेकर उठे बड़े विवाद की पूरी कहानी.

स्कूल परिसर कर दिया दाह-संस्कार
स्कूल परिसर कर दिया दाह-संस्कार
Google CTA

राजस्थान के जयपुर जिले के दूदू से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्कूल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 4 अक्टूबर को रविवार की छुट्टी के चलते स्वामी विवेकानंद सरकारी मॉडल स्कूल बंद था और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था. इसी दौरान गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की. आरोप है कि लोगों ने गार्ड की एक न सुनी और जबरन ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गए. गार्ड ने तुरंत इस बात की जानकारी स्कूल के प्रिंसिपल को दी. इसके बाद पुलिस को फोन करके मौके पर बुलाया गया, लेकिन जब तक पुलिस टीम पहुंची, तब तक दाह-संस्कार का काम काफी आगे तक बढ़ चुका था. घटना की खबर मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. वहीं, अब स्कूल के प्रिंसिपल ने इस मामले में लिखित शिकायत दी है. क्या है पूरा मामला और क्यों इन लोगों ने ऐसा किया, जानें इस खबर में...

Read more!

जमीन के पुराने इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों का दावा

स्कूल परिसर के भीतर अंतिम संस्कार किए जाने के पीछे एक पुराना तर्क दिया जा रहा है. मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर आज यह भव्य स्कूल भवन खड़ा है, वह सालों पहले उनके समुदाय का श्मशान हुआ करता था. ग्रामीणों का दावा है कि पुराने दौर में वे इसी जगह पर अपने परिजनों का अंतिम संस्कार किया करते थे. इसी वजह से वे आज भी इस भूखंड को अपना पारंपरिक श्मशान मानते हैं और उसी हक से वहां पहुंचे थे.

स्कूल प्रशासन ने दावों को किया खारिज

दूसरी ओर, स्कूल प्रशासन का इस पूरे मामले पर बिल्कुल अलग रुख है. प्रशासन का कहना है कि यह जमीन अब आधिकारिक रूप से स्कूल के नाम हस्तांतरित हो चुकी है. यहां नियम के मुताबिक स्कूल की इमारत और चारों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई गई है. स्कूल अधिकारियों के अनुसार, पिछले 18 सालों में इस जगह पर कभी कोई अंतिम संस्कार नहीं किया गया था. ऐसे में अचानक ताला तोड़कर परिसर में घुसना और वहां शव जलाना पूरी तरह गैरकानूनी और गंभीर मामला है.

2008 के बाद बदल गया था जमीन का स्वरूप

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, साल 2008 से पहले यह भूखंड एक आम सरकारी जमीन के रूप में दर्ज था. उस समय स्थानीय लोग अपनी जरूरत के हिसाब से इसका उपयोग श्मशान, मृत मवेशियों के निस्तारण या खेती-बाड़ी के लिए करते थे. हालांकि, बाद में सरकार ने इस जमीन को शिक्षा विभाग को सौंप दिया और यहां स्कूल का निर्माण कराया गया. चारदीवारी बनने के बाद यह पूरी तरह से एक सुरक्षित शैक्षणिक परिसर में बदल चुका था.

यह पढ़ें: भरतपुर में शादी के 10 महीने बाद सुकीर्ति यादव की संदिग्ध मौत... आखिरी वक्त में पति के लिए लिखी ऐसी बात जिसने पूरे मामले को उलझा दिया!

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की शुरू

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच खासा तनाव देखा जा रहा है. मामले की जानकारी देते हुए डिप्टी पुलिस अधिकारी अनुपम मिश्रा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से एक लिखित शिकायत मिली है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे स्कूल की बाउंड्री का ताला तोड़कर दाह-संस्कार किया गया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जमीन के कागजात व पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है.

यह भी पढ़ें: VIDEO: अजमेर में रात को लड़की बनकर निकला लड़का, सड़कों पर जो हुआ उसने उड़ा दिए होश