अजमेर महिला जेल की तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है. दिव्या चौधरी पर आरोप है कि वे महिला कैदियों को जेल से बाहर निकालकर अपने निजी आवास पर ले जाती थीं. यही नहीं दिव्या चौधरी इन बंदियों से अपने घर का काम कराती थीं. इन कैदियों में विचाराधीन और सजायाफ्ता दोनों तरह की थीं. नियमों के खिलाफ जाकर ये सब करने का ये मामला 12 जुलाई 2026 का है.
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अजमेर सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया कि कुछ दिन पहले मामले में केंद्रीय कारागृह अजमेर के अधीक्षक की ओर से एक मुकदमा दर्ज करवाया गया था. इसमें महिला जेलर दिव्या और एक महिला प्रहरी सोनिया पर जेल के दो निरुद्ध महिला कैदियों को नियमों के खिलाफ जाकर जेल से बाहर ले जाने का आरोप था. दोनों महिला कैदियों को जेल के दूसरे कर्मचारियों के विरोध के बावजूद ले जाने का आरोप है.
CCTV के आधार पर हुई कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) और अपर पुलिस अधीक्षक (Additional SP) की देखरेख में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया इनपुट और सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए जांच को आगे बढ़ाया. ठोस सुराग मिलने पर पुलिस टीम ने 6 अक्टूबर को कोटा के एक आवासीय फ्लैट पर छापेमारी कर तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया.
सीओ शिवम जोशी ने बताया कि इस मामले में धारा 209, 260 और केंद्रीय कारागृह अधिनियम की धारा 42 समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई थी. फिलहाल प्रकरण में सह-आरोपी महिला सिपाही (प्रहरी) सोनिया और अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है.
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