राजस्थान के अलवर जिले से सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली एक बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है. अरावली विहार थाना क्षेत्र के भाखेड़ा इलाके में स्थित एक प्राचीन मंदिर में असामाजिक तत्वों ने न केवल मूर्तियों को खंडित किया, बल्कि पास में ही एक बछड़े का शव फेंककर इलाके में सनसनी फैला दी. इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है.
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क्या है पूरा मामला?
भाखेड़ा के पास कब्रिस्तान के नजदीक बने एक पुराने मंदिर में आज सुबह जब श्रद्धालु पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मंदिर का शिवलिंग पूरी तरह खंडित था और उसके अवशेष वहीं बिखरे पड़े थे. सिर्फ इतना ही नहीं, मंदिर के ठीक पास एक बछड़े का कटा हुआ शव मिलने से लोगों का संदेह यकीन में बदल गया कि यह किसी शरारती तत्व की सोची-समझी साजिश है.
बंदरों की शरारत समझकर पहले किया नजरअंदाज
स्थानीय निवासी ओम प्रकाश और दिनेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में तोड़फोड़ की आहट पिछले तीन दिनों से मिल रही थी. तीन दिन पहले नंदी महाराज की मूर्ति की गर्दन टूटी मिली थी. दो दिन पहले भगवान गणेश की प्रतिमा की सूंड क्षतिग्रस्त पाई गई थी.
शुरुआत में भक्तों को लगा कि शायद इलाके में घूमने वाले बंदरों की वजह से मूर्तियां गिरकर टूट रही हैं. लेकिन आज जब मुख्य शिवलिंग को निशाना बनाया गया और साथ में गोवंश की हत्या का मामला सामने आया तो स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया. वहां के स्थानीय निवासी ने कहा कि हम अब तक इसे बंदरों की हरकत मानकर चुप थे, लेकिन आज जो हुआ वह सीधे तौर पर हमारी आस्था पर प्रहार है. शिवलिंग को जानबूझकर भारी वस्तु से तोड़ा गया है.
धरने पर बैठे लोग
घटना की सूचना मिलते ही ब्राह्मण समाज के नेता आकाश मिश्रा सहित भारी संख्या में हिंदू संगठन और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया है. क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह इलाका विशेष समुदाय बाहुल्य है और जानबूझकर धार्मिक माहौल खराब करने के लिए इस प्राचीन मंदिर को निशाना बनाया गया है.
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए अरावली विहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं और बछड़े के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. प्रशासन फिलहाल लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे मौके से नहीं हटेंगे.
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