UGC कानून वापस नहीं हुआ तो बेटियों की इज्जत होगी नीलाम, महिपाल मकराना की सीधी चेतावनी, जानें क्या है पूरा मामला
महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को बताया 'काला कानून'. मकराना बोले- अगर कानून वापस नहीं हुआ तो बेटियों की इज्जत होगी नीलाम. जानें क्या है पूरा मामला.

राजस्थान में यूजीसी (UGC) के नए 'इक्विटी कमीशन' नियमों को लेकर घमासान शुरू हो गया है. श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. मकराना ने इस कानून को 'काला कानून' करार देते हुए दावा किया कि यदि इसे वापस (Roll Back) नहीं लिया गया, तो सवर्ण समाज के बच्चों और बेटियों का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा.
बेटियों की अस्मिता पर बड़ा दावा
महिपाल मकराना ने सभा में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया. उन्होंने कहा कि नए नियमों के तहत यदि कोई छात्रा किसी लड़के के प्रस्ताव को ठुकराती है, तो वह लड़का जाति या रंग के आधार पर भेदभाव की झूठी शिकायत कर सकता है. मकराना के अनुसार, ऐसी स्थिति में छात्रा का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है और उसे जेल तक जाना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, "हमारी बेटियों को अपनी अस्मिता बचाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा."
'सवर्ण समाज जन्मजात अपराधी नहीं'
मकराना ने यूजीसी के इक्विटी कमीशन पर निशाना साधते हुए कहा कि इसमें स्वर्ण समाज के बच्चों को 'जन्मजात अपराधी' की तरह देखा जा रहा है. उन्होंने आरक्षण की राजनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि 95-99% अंक लाने वाले बच्चों के बजाय कम अंक वालों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो प्रतिभा के साथ खिलवाड़ है.
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बीजेपी को चेतावनी: 'हम रीढ़ की हड्डी हैं'
बीजेपी सरकार को चेतावनी देते हुए मकराना ने कहा कि सवर्ण समाज ही बीजेपी की रीढ़ की हड्डी और दिमाग है. उन्होंने कहा कि अगर समाज पीछे हट गया, तो पार्टी का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि मोदी सरकार की तानाशाही अब नहीं चलेगी और यूजीसी के इस कानून को हर हाल में रोल बैक करना होगा.










