राजस्थान में सरकारी स्कूल में छुट्टी घोषित कर ये सब करने लगे हेडमास्टर, वीडियो वायरल हुआ तो मचा हड़कंप

Rajasthan gangapur government school controversy: राजस्थान के गंगापुर सिटी से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई की जगह शराब और चिकन पार्टी का आयोजन किया गया. वीडियो सामने आते ही ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा और कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी.

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आंचल गुप्ता

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Gangapur City school viral video: राजस्थान के गंगापुर सिटी से आई एक वीडियो ने पूरे शिक्षा जगत और सरकारी सिस्टम को शर्मसार कर दिया है. जो स्कूल को ज्ञान का केंद्र माना जाता है वहीं गंगापुर सिटी के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने स्कूल परिसर को ही पार्टी का अड्डा बना दिया. आरोप है कि हेडमास्टर साहब ने न केवल स्कूल में शराब पी बल्कि मिड-डे मील की रसोई में चिकन पार्टी का भी आयोजन किया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है. अब सभी आरोपी टीचर पा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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क्लासरूम में ताले, रसोई में पक रहा था चिकन

दरअसल, ये चौंकाने वाला मामला गंगापुर सिटी क्षेत्र के तालाब की ढाणी (हिंडौड़ा) के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का है. जानकारी के अनुसार, स्कूल के हेडमास्टर अमर सिंह मीणा पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल को पढ़ाई के बजाय ढाबे में तब्दील कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेडमास्टर साहब कथित रूप से शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने नियमों को ताक पर रखते हुए बिना किसी ठोस कारण के अचानक पूरे स्कूल की छुट्टी घोषित कर दी और बच्चों को घर भेज दिया.

जब गांव वालों ने देखा कि समय से पहले ही स्कूल की क्लासों पर ताले लटके हुए हैं तो उन्हें शक हुआ. ग्रामीणों ने जब स्कूल के अंदर जाकर देखा तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था. जिस रसोई में बच्चों के लिए मिड-डे मील बनना चाहिए था वहां हेडमास्टर साहब के लिए चिकन और स्पेशल टिक्कर पकाए जा रहे थे.

यहां देखें खबर का वीडियो

नजारा देख भड़के ग्रामीण

स्कूल की रसोई को किसी ढाबे की तरह इस्तेमाल होते देख ग्रामीण भड़क उठे. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है. जिस समय बच्चों को पढ़ाना चाहिए था उस समय स्कूल परिसर में शराब और मांस की महफिल जमी हुई थी. ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों की वजह से ही सरकारी स्कूलों की साख गिर रही है और गरीब बच्चों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है.

जांच की तैयारी, हेडमास्टर पर गिर सकती है गाज

इस शर्मनाक घटना के उजागर होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया है. सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच दल गठित करने का निर्णय लिया है. विभाग का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है.

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