लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर अपनी विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में है. पंजाब के गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या के बाद, बिश्नोई गैंग के कथित सदस्यों ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर 'खून का बदला खून' से लेने का ऐलान किया है. गैंग ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा है कि देश के खिलाफ आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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पुलिसकर्मियों की शहादत और गैंग का 'ओपन चैलेंज'
पिछले दिनों पंजाब के सीमावर्ती जिले गुरदासपुर के अड़िया गांव में दो पुलिसकर्मियों असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ये दोनों जवान भारत-पाक सीमा के नजदीक सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस में तैनात थे. इस वारदात के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस गैंग के 'हैरी बॉक्सर' और 'टायसन बिश्नोई' नाम के फेसबुक अकाउंट्स से एक पोस्ट वायरल हुई. इसमें लिखा गया, 'दो अफसरों की शहादत का बदला लिया जाएगा, जहां मर्जी छिप जाओ सजा जरूर मिलेगी'.
'10 दुश्मनों की जान लेंगे': आतंकवादियों को चेतावनी
सोशल मीडिया पोस्ट में गैंग ने दावा किया कि उन्होंने अपने 'दो बेटे' खोए हैं और अब इसके बदले वे '10 दुश्मनों' की जान लेंगे. गैंग ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी देश के खिलाफ जाएगा, उसकी आंखें निकाल ली जाएंगी. यह भाषा न केवल गुस्से को दर्शाती है, बल्कि सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को भी चुनौती देती है.
गैंग के इस कदम के क्या हैं मायने?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जो पहले से ही सलमान खान को धमकी देने और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में लिप्त है, अब खुद को 'देशभक्त' या 'डिफेंस मोड' में दिखाने की कोशिश कर रहा है. जानकारों का मानना है कि यह गैंग की अपनी ताकत दिखाने या जांच को गुमराह करने की एक रणनीति हो सकती है. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बिश्नोई गैंग यह संदेश देना चाहता है कि जो काम पुलिस नहीं कर पा रही, वह अब ये गैंग करेंगे?.
राजस्थान में भी माफियाओं पर चर्चा तेज
गैंगस्टरों की इस बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में राजस्थान विधानसभा में विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी माफियाओं पर नकेल कसने की पुरजोर मांग की थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर अपराधियों के हौसले यूं ही बुलंद रहे, तो राजस्थान को 'रक्त रंजित' होने से बचाना मुश्किल होगा.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सीमा से महज एक-दो किलोमीटर दूर हुई पुलिसकर्मियों की हत्या ने सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह कोई आतंकी साजिश थी या फिर गैंगवार का नतीजा? फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की भी जांच की जा रही है.
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