'90% लड़ाई जीत चुके हैं, 10% बाकी...' जानें क्यों किसानों के बीच गरजे हनुमान बेनीवाल, दिया अल्टीमेटम!

न्यूज तक डेस्क

12 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 12 2026 4:08 PM)

राजस्थान के अनूपगढ़ में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर पिछले 32 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल उतर आए हैं, जिन्होंने सरकार और प्रशासन को 14 तारीख से बड़े चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया है.

हनुमान बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल
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सिंचाई के पानी की मांग को लेकर राजस्थान के अनूपगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र में किसानों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है. पिछले 32 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल भी मैदान में उतर आए हैं.

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प्रशासन और सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति न बनने के बाद हनुमान बेनीवाल ने साफ कर दिया है कि किसान अपने हक और अधिकार का पानी लेकर ही रहेंगे. उन्होंने मंच से ऐलान किया कि सरकार सिर्फ समय खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन किसान अब पीछे हटने वाले नहीं हैं.

पानी के फॉर्मूले पर अटकी बात

सांसद हनुमान बेनीवाल ने धरना स्थल पर मौजूद हजारों किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन गतिरोध अभी बरकरार है. उन्होंने बताया कि किसान 6 + 6 + 1 पानी के फॉर्मूले (सिंचाई के पूरे हक) पर अड़े हुए हैं, जबकि सरकार 5 + 2 के फॉर्मूले पर सहमत होना चाहती है. बेनीवाल ने कहा कि जब तक सरकार किसानों की सभी मांगों को मानकर लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन और उग्र रूप लेगा.

2 दिन के ब्रेक के बाद फिर संभालेंगे मोर्चा

उपचुनाव और पार्टी सिंबल/नामांकन प्रक्रिया का हवाला देते हुए हनुमान बेनीवाल ने किसानों से दो दिन (12 और 13 तारीख) की इजाजत मांगी. उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यों से निपटने के बाद वे 14 तारीख को फिर से हजारों समर्थकों और जवानों के साथ किसानों के बीच लौटेंगे. बेनीवाल ने कहा, "90% लड़ाई जीती जा चुकी है, 10% बाकी है. हम पूरी जीत हासिल करके ही दम लेंगे. मैं किसानों को बीच रास्ते छोड़कर भागने वाला नेता नहीं हूं."

चक्का जाम और हनुमानगढ़ में कलेक्टर घेराव की रणनीति

बेनीवाल ने आरएलपी कार्यकर्ताओं और किसान समितियों को खाजूवाला, छत्तरगढ़ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर मोर्चा संभालने के निर्देश दिए हैं. आंदोलनकारी किसान समितियों ने 14 तारीख को सुबह 8 बजे से इलाके में पूर्ण चक्का जाम की घोषणा की है. इसके अलावा, मांगें न माने जाने पर राज्य सरकार को चेताते हुए हनुमानगढ़ में जिला कलेक्ट्रेट का बड़ा घेराव और विशाल रैली निकालने की रणनीति बनाई जा रही है.

बेनीवाल ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जब तक मांग पूरी न हो, आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से जारी रहना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि यदि जरूरत पड़ी तो वह किसानों के हक के लिए पंजाब सरकार से भी सीधी बातचीत करेंगे.

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