जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं के विरोध का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. CJP का आरोप है कि ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, पत्थर फेंके और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की. घटना के बाद CJP की शिवांगी शर्मा ने कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर 'पाकिस्तानी' कहे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई.
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स्कूल देखने पहुंचे थे CJP कार्यकर्ता
CJP ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू किया है. इसी अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल पहुंचे थे. पार्टी के मुताबिक, कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.
विरोध बढ़ने के बाद कार्यकर्ताओं को वहां से वापस लौटना पड़ा. इसके बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौके पर पहुंचे. पार्टी का दावा है कि उनके पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने नारेबाजी की और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया.
CJP ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए और लाठियों से हमला किया गया. पार्टी ने कुछ गाड़ियों के शीशे टूटने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया है. घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई.
'क्या मैं पाकिस्तानी हूं?', शिवांगी ने उठाया सवाल
घटना के बाद शिवांगी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें और उनके साथियों को कथित तौर पर 'पाकिस्तानी' कहा गया. उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह जयपुर में पली-बढ़ी हैं और उनका घर भी यहां से करीब आधे घंटे की दूरी पर है.
शिवांगी ने कहा कि वह स्कूल के बच्चों की समस्याओं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाने गांव गई थीं. उन्होंने सवाल किया कि सरकारी स्कूल में सुधार की मांग करने वाले लोगों को किसी दूसरे देश से जोड़ना क्यों जरूरी है. उन्होंने कहा कि CJP के कार्यकर्ता इसी देश के नागरिक हैं. उनका मकसद ग्रामीणों से विवाद करना नहीं है.
महिला कार्यकर्ताओं को लेकर भी लगाए आरोप
शिवांगी ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद महिला कार्यकर्ताओं के लिए भी हालात असहज हो गए थे. उनके मुताबिक, पुरुष कार्यकर्ताओं को आगे से हटाने के बाद महिलाएं पीछे रह गईं. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग रस्सियां लेकर पीछे आते दिखाई दिए.
शिवांगी ने कहा कि अगर उस समय मीडिया मौके पर नहीं पहुंचती तो स्थिति और खराब हो सकती थी. उन्होंने एक कार्यकर्ता के गले पर लाल निशान दिखाते हुए दावा किया कि उसके साथ गला दबाने जैसी हरकत की गई. उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्यकर्ताओं को पत्थर लगने की बात सामने आई है.
CJP ने वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप भी लगाया. शिवांगी ने कहा कि मौके पर खड़ी गाड़ियों को देखकर नुकसान की स्थिति की जांच की जा सकती है. उनका कहना था कि अगर वाहनों के शीशे टूटे हैं या अन्य नुकसान हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
प्रशासन को पहले जानकारी देने का दावा
CJP की ओर से कहा गया कि स्कूल दौरे की जानकारी पहले ही पुलिस प्रशासन को दी गई थी. पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम के बारे में सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की गई थी.
शिवांगी के मुताबिक, इसके बावजूद सुबह से ही विरोध की स्थिति बन गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने के बाद उन पर पत्थर और लाठियों से हमला किया गया.
'असहमति का जवाब हिंसा नहीं'
शिवांगी शर्मा ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रांका पिछले कुछ समय से देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं. किसी संगठन या व्यक्ति की विचारधारा से असहमति हो सकती है, लेकिन उसका जवाब हिंसा या तोड़फोड़ से नहीं दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति के लिए जगह होनी चाहिए. किसी मुद्दे पर मतभेद होने पर बातचीत का रास्ता अपनाया जा सकता है. मारपीट और तोड़फोड़ किसी समस्या का समाधान नहीं है.
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